जागरण संवाददाता, धनबाद : बुधवार को भारतीय जनता पार्टी महानगर इकाई की कार्यसमिति बैठक बुलाई गई थी। बैठक के बाद सभी के भोजन की भी व्यवस्था थी। हालांकि किसी ने भोजन नहीं किया। भोजन के दौरान महानगर कमेटी की अच्छी जगहंसाई हो गई। दरअसल भोजन के लिए पीडीएस के चावल का भात बनाया गया था। जले पर नमक यह कि उसे एंबुलेंस से मंगाया गया। कोविड-19 के दौर में इस तरह की लापरवाही अखरने वाली थी। सो तीन घंटे लंबी बैठक के बाद निकले प्रदेश स्तर के पदाधिकारी और अन्य नेता भी तमतमा गए। भूख से बिलबिलाए पदाधिकारियों ने ऐसा भोजन करने से साफ इन्कार कर दिया। आनन-फानन में उन्हें जेपी अस्पताल के पास एक होटल ले जाया गया। वहां भी गंदगी देख वे उखड़ गए। ऐसी तैयारी के लिए महानगर अध्यक्ष की खिचाई भी की।

इसके बाद प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू व जिला के प्रभारी अभय सिंह समेत अन्य पदाधिकारियों को प्रगति फूड प्लाजा लाया गया। वहां उन्होंने छककर भोजन किया। मटर पनीर, आलू शाही, कुलचा, चावल, दाल, सलाद-पापड़ के बाद मुंह मीठा करने को रसगुल्ले और गुलाब जामुन का इंतजाम किया गया था। भोजन के बाद सभी का मन शांत हुआ तो बाहर फोटोग्राफी भी हुई।

जानकारी के मुताबिक भोजन व्यवस्था कोषाध्यक्ष प्रदीप मंडल व उनके पुत्र युवा मोर्चा के नित्यानंद मंडल को सौंपी गई थी। उनका जेपी अस्पताल भी चलता है। वहां मरीजों के लिए व उनके स्वजनों की सुविधा के लिए होटल भी चलता है। बताते हैं कि भोजन वहीं से मंगा लिया गया था। इससे जिला कमेटी की अच्छी फजीहत हो गई। कार्यसमिति की बैठक में बंटी मेड इन चाइना फाइल :

प्रधानमंत्री के वोकल फार लोकल और आत्मनिर्भर भारत जैसे नारों को महानगर कमेटी ने तिलांजलि दे दी। तभी तो भाजपा की बुधवार को हुई बैठक में मेड इन चाइना फाइलें बांटी गई। बैठक में मौजूद 100 से ऊपर कार्यकर्ताओं के बीच जो फाइलें बांटी गई उन सभी पर मेड इन चाइना लिखा हुआ था। मजेदार यह कि बैठक के दौरान इस पर किसी की नजर नहीं गई। हालांकि बकौल महानगर अध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह बैठक के बाद कई कार्यकर्ताओं ने फोनकर उन्हें इसकी जानकारी दी तो वे हक्के बक्के रह गए। उनके मुताबिक फाइल अत्यंत मामूली थी, इसलिए इस बात पर किसी की नजर ही नहीं गई कि यह मामूली चीज भी चीन से बनकर आती होगी। सिंह के मुताबिक वे इन दिनों कुछ बीमार चल रहे हैं। सामग्रियों को खरीदने की जिम्मेदारी जिन कार्यकर्ताओं को दी गई, लगता है उन्होंने ठीक से ध्यान नहीं दिया। अगली बार से ऐसी गलती नहीं होगी।