बीसीसीएल का शानदार प्रदर्शन: दूसरी तिमाही में 123.74 करोड़ का शुद्ध लाभ, घाटे से मुनाफे में वापसी
BCCL ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 123.74 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज करते हुए घाटे से ...और पढ़ें

परिचालन से राजस्व 39.1% बढ़कर 4,412.58 करोड़ रुपये, कोयला उत्पादन और ऑफटेक में भी उछाल।
HighLights
बीसीसीएल ने दूसरी तिमाही में 123.74 करोड़ का शुद्ध लाभ कमाया।
परिचालन से राजस्व 39.1% बढ़कर 4,412.58 करोड़ रुपये हुआ।
कोयला उत्पादन और ऑफटेक में भी महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई।
जागरण संवाददाता, धनबाद। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में शानदार वापसी करते हुए घाटे से मुनाफे का सफर तय किया है। रविवार को कोयला भवन में हुई बीसीसीएल बोर्ड आफ डायरेक्टर की बैठक में इसे पास किया गया। बैठक बोर्ड के चेयरमैन व कंपनी के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने की।
30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी ने 123.74 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में उसे 52.99 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था।
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि परिचालन से राजस्व सालाना आधार पर 39.1 प्रतिशत बढ़कर 4,412.58 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की दूसरी तिमाही में 3,173.25 करोड़ रुपये था।
वहीं, कंपनी की कुल आय भी बढ़कर 4,571.15 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 3,643.54 करोड़ रुपये थी। कंपनी की प्रति शेयर मूल आय (ईपीएस) 0.27 रुपये रही, जबकि एक साल पहले प्रति शेयर 0.11 रुपये का नुकसान दर्ज किया गया था।
आगे प्रदर्शन बरकरार रखना चुनौती
उत्पादन और ऑफटेक में बढ़ोतरी ने दिया सहारा। बीसीसीएल के वित्तीय प्रदर्शन में सुधार के साथ कोयला उत्पादन और उठाव के आंकड़ों में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। दूसरी तिमाही में कंपनी ने 7.22 मिलियन टन कच्चे कोयले का उत्पादन किया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि के 6.71 मिलियन टन की तुलना में 7.6 प्रतिशत अधिक है।
इसी तरह, कोयले का ऑफटेक सालाना आधार पर 9.6 प्रतिशत बढ़कर 8.89 मिलियन टन पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 8.11 मिलियन टन था। उत्पादन और ऑफटेक में वृद्धि से कंपनी की परिचालन गतिविधियों में तेजी के संकेत मिले हैं।
कोल इंडिया लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी बीसीसीएल के लिए यह सुधार इसलिए भी अहम है, क्योंकि चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी को 68.09 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा उठाना पड़ा था। ऐसे में दूसरी तिमाही में मुनाफे में वापसी कंपनी के प्रदर्शन में आए बदलाव को रेखांकित करती है।
आगे भी प्रदर्शन बरकरार रखना होगी चुनौती। पहली तिमाही के घाटे से उबरकर दूसरी तिमाही में लाभ दर्ज करने के बावजूद बीसीसीएल के सामने इस सुधार को आगे भी कायम रखने की चुनौती होगी।
उत्पादन की निरंतरता पर विशेष ध्यान देना होगा
राजस्व में वृद्धि के साथ उत्पादन और कोयले के ऑफटेक में बढ़ोतरी कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन आने वाली तिमाहियों में परिचालन लागत पर नियंत्रण, उत्पादन की निरंतरता और कोयले के प्रभावी उठाव पर विशेष ध्यान देना होगा।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के शेष महीनों में कंपनी का प्रदर्शन उसकी समग्र वित्तीय स्थिति के आकलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अब छमाही वित्तीय परिणामों और संचयी उत्पादन के आंकड़ों पर नजर रहेगी।
जिनसे यह स्पष्ट हो सकेगा कि दूसरी तिमाही में दर्ज सुधार कितना टिकाऊ है और कंपनी पूरे वित्तीय वर्ष में किस तरह का प्रदर्शन करती है। बैठक में निदेशक मंडल सहित कोयला मंत्रालय व कोल इंडिया के नामित सदस्यों के अलावा स्वतंत्र निदेशक वीसी के माध्यम से इसमें शामिल हुए।
