धनबाद : बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के संबद्ध कॉलेजों में हुए एडमिशन घोटाले में अब नया खुलासा हुआ है। जिन कॉलेजों में चांसलर पोर्टल बंद होने के बाद नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन भराया था, उन्होंने अपने बचाव के लिए उन छात्रों से पहले ही बांड भरा लिया था। बांड भरकर दिया गया था कि एडमिशन नहीं होने पर कॉलेज जिम्मेदार नहीं होंगे। गुरुवार को विवि के डीएसडब्ल्यू डॉ. एलबी सिंह के साथ मिलने पहुंचे कॉलेज प्राचार्य और उनके प्रतिनिधियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने विवि प्रशासन से आग्रह किया कि जिन छात्रों ने आवेदन भर दिया है, उन्हें रजिस्ट्रेशन करने की अनुमति दे दी जाए। इस पर डीएसडब्ल्यू ने स्पष्ट कहा कि विवि स्तर पर 30 सितंबर के बाद ऑनलाइन आवेदन की अनुमति नहीं दी गई थी। उस तिथि के बाद एक भी छात्र का रजिस्ट्रेशन नहीं लिया जाएगा। यानी धनबाद और बोकारो के तकरीबन एक दर्जन कॉलेजों के 500 छात्र-छात्राओं का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा।

डीएसडब्ल्यू ने कहा कि विवि की जांच कमेटी अब इसकी भी जांच करेगी कि चांसलर पोर्टल पर एक आइडी से कितने छात्र-छात्राओं के ऑनलाइन आवेदन भरे गए और उससे कितने का भुगतान किया गया। ऐसा करने वाले के खिलाफ भी विवि कार्रवाई करेगा।

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