पंचेत : एग्यारकुंड प्रखंड स्थित डुमरकुंडा दक्षिण पंचायत के बथानबाड़ी, बाबू डंगाल बस्ती, चांच कोलियरी में डायरिया का प्रकोप काफी बढ़ गया है। डायरिया से डुमरकुंडा, बथानबाड़ी, बाबूडंगाल बस्ती में दर्जनों लोग अक्रांत हैं। डुमरकुंडा पंचायत के बथानबाडी गांव में डायरिया से पांच वर्षीय बच्ची सुष्मिता कुमारी की मौत हो गई। उसके पिता श्यामल बाउरी दिहाड़ी मजदूर हैं। मां पुष्पा बाउरी भी डायरिया से आक्रांत है। बताया जाता है कि उसकी पुत्री दो-तीन दिनों से डायरिया से पीड़ित थी। बीमार बेटी का इलाज कराने बंगाल के हड़माडीह रघुनाथपुर ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। उसकी मौत की सूचना डुमरकुंडा दक्षिण पंचायत के मुखिया अजय पासवान ने बीडीओ विजेंद्र कुमार को दी। बीडीओ के सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉ. श्याम सुंदर सिंह बथानबाड़ी पहुंचे और मरीजों की जांच की। जांच के बाद पीड़ितों को दवा व ओआरएस मुहैया कराया। बीडीओ विजेंद्र कुमार ने भी बथानबाड़ी पहुंच कर हालचाल लिया। बीडीओ ने बताया कि पीड़ित परिवार को मदद पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

एक और बुजुर्ग महिला की हालत बिगड़ी

एग्यारकुंड प्रखंड में डायरिया से चांच लाइनपार निवासी 50 वर्षीय खोमा देवी की हालत बिगड़ गई है। उसे इलाज के लिए पंचेत हिल अस्पताल ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसे पीएमसीएच भेज दिया। इसके अलावा बथानबाड़ी में लखी बाउरी, चार वर्षीय अनुराधा, तीन वर्षीय अनूपा, पुष्पा बाउरी सहित आधा दर्जन लोग प्रभावित हैं। इसके पूर्व चांच कोलियरी, बाबू डंगाल, चांच पोटरी में भी दर्जनों महिला व पुरुष डायरिया से प्रभावित हो चुके हैं।

डुमरकुंडा अस्पताल की जीएनएम पुष्पा कुमारी डायरिया से पीड़ित हो गई है। स्थानीय अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।

Posted By: Jagran

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