जागरण संवाददाता, धनबाद : धनबाद हाउसिंग कॉलोनी के अनुराग विजय भारत के उन 40 युवा वकीलों में शामिल हो गए हैं, जिन्हें तीन चरणों की कठिन प्रवेश परीक्षा के बाद दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में शुमार लंदन के क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी में स्कॉलरशिप पाने में कामयाबी मिली है। इस स्कॉलरशिप के लिए दुनियाभर से 200 युवा वकीलों का चयन किया गया है, जो सत्र 2018-19 में आर्बिट्रेशन (मध्यस्थता) कोर्स की पढ़ाई करेंगे। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोर्स में एलएलएम करने के लिए अनुराग को ब्रिटेन सरकार की ओर से प्रतिष्ठित चेवेनिंग स्कॉलरशिप मिली है।

17 से शुरू हो रहा कोर्स: अनुराग को मिलने वाली स्कॉलरशिप भारतीय मुद्रा में 50 लाख रुपये से अधिक की होगी। इसमें कोर्स शुल्क के साथ वहा रहने का भी खर्च शामिल है। यह स्कॉलरशिप 17 सितंबर से शुरू हो रहे कोर्स से लेकर अगले एक वर्ष तक मान्य होगा। कोर्स के दौरान इन्हें लंदन में मौजूद आर्बिट्रेशन लॉ के जानकार बैरिस्टर के साथ काम करने व उनसे सीखने का भी मौका मिलेगा।

जानिए क्या है आर्बिट्रेशन लॉ: आर्बिट्रेशन एक तरह से मध्यस्थता है, जिसके वकील आर्बिट्रेटर कहलाते हैं। उनका काम दो कारपोरेट घरानों या सरकार और कॉरपोरेट घरानों के बीच वित्तीय विवादों का निपटारा करने में मध्यस्थता करना है। ऐसे मामले हजारों करोड़ के विवाद से जुड़े भी हो सकते हैं।

डिनोबिली सीएमआरआइ के छात्र रहे हैं अनुराग: अनुराग ने 12वीं तक की पढ़ाई डिनोबली सीएमआरआइ से की। बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातक व महात्मा गाधी यूनिवर्सिटी से पीजी किया। कुछ सालों तक सिविल सर्विसेज की तैयारी की और दूसरों को बतौर एक्सपर्ट तैयारी भी कराई। कठुआ रेप कांड के वरिष्ठ अधिवक्ता के साथ कर रहे प्रैक्टिस: 2014 में दिल्ली से एलएलबी करने के बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट के जाने माने वकील सुनील फर्नाडीस के सहायक के रूप में काम करने का मौका भी मिला। अभी उन्हीं के साथ अनुराग दिल्ली हाइकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे हैं। फर्नाडीस वही अधिवक्ता हैं जो जम्मू-कश्मीर के कठुआ रेप कांड के मामले में चर्चा में आए थे।

अनुराग को अपनी दीदी का मिला साथ: अनुराग की बड़ी बहन निधि सिंह भी कॉरपोरेट वकील हैं। मुंबई हाईकोर्ट में प्रैक्टिस कर रहीं निधि साथ जाने माने उद्योगपति नवीन जिंदल की कंपनी में कानूनी सलाहकार हैं। अनुराग बताते हैं कि उन्हें इस क्षेत्र में कॅरियर बनाने में उनकी बड़ी बहन से प्रेरणा व मार्गदर्शन मिलता रहा। आर्बिट्रेशन में कॅरियर का बेहतर विकल्प: अनुराग के अनुसार भारत में अभी आर्बिट्रेटर की काफी डिमांड है, लेकिन इस कोर्स की व्यवस्था फिलहाल यहां नहीं है। भविष्य में ऐसे वकीलों की मांग बढ़ती जाएगी और इसके मद्देनजर युवाओं को इस कोर्स से जुड़ने की कोशिश करनी चाहिए।

Posted By: Jagran

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