संस, बगोदर/गिरिडीह। बगोदर के गैंडा संतरूपी से अगवा जमीन कारोबारी शमशेर आलम को पांच दिनों बाद बगोदर पुलिस ने शनिवार की देर रात हजारीबाग जिले बिष्णुगढ खरना के जंगल से सकुशल बरामद कर लिया गया है। फिलहाल यह जानकारी नही मिल पाई है कि अपहरण के पीछे की वजह क्या रही और क्या शमशेर के परिजनों को फिरौती भी देनी पड़ी। पुलिस ने इस मामले में  एक दो लोगों को हिरासत में लिया है। गिरिडीह एसपी अमित रेणू ने इस कांड के उदभेदन के लिए विशेष टीम भी बनाई थी। तीन डीएसपी, तीन इंस्पेक्टर के साथ साथ बगोदर, सरिया थाना प्रभारी की टीम को लगाया गया। साथ में टेक्निकल टीम ने भी अलग से काम किया। जिला पुलिस की टीम ने भी लगातार छापेमारी की जिससे अपहरणकर्ताओं पर दबाव बना। इसके अलावा हजारीबाग, बोकारो जिले में भी खोजबीन हो रही थी। बगोदर से बोकारो तक फैले जंगल में भी तलाशी ली जा रही थी। पुलिस  सबसे ज्यादा बगोदर-विष्णुगढ़ जंगल में सर्च ऑपरेशन की।

विदित हो कि जीटी रोड गैंडा संतरूपी से अपराधियों ने सारेआम बीते मंगलवार की शाम दुस्साहसिक तरीके से  फायरिंग कर जमीन कारोबारी शमशेर आलम को अगवा कर लिया है। अगवा करने के बाद अपराधी व्यवसायी को अपने साथ बोलेरो से बरही की ओर ले गए थे। शमशेर जीटी रोड किनारे एक अस्पताल बनवा रहा है। शाम को वह अपनी कार पर कार्यस्थल के निकट बैठा हुआ था। तभी अटका की ओर से एक सफेद रंग की बोलेरो गलत दिशा से उसके पास आकर रूकी। बोलेरो के साथ-साथ लाल रंग की अपाची बाइक से दो युवक भी पहुंचे। बाइक आगे खड़ी कर उनमें से एक युवक जिसका चेहरा ढका हुआ था, पैदल चलकर पीछे आया। इसके बाद रिवाल्वर से हवाई फायरिंग की। इसके बाद शमशेर को उसकी कार से नीचे उतारकर बोलेरो में बैठाया। शमशेर को लेकर बोलेरो अटका-बरही की ओर निकल गई।

रिहाई के बाद आमल पुलिस के कब्जे में हैं। पुलिस पूछताछ कर रही है। आमल ने पुलिस को अपहरण की कहानी बताई है। हालांकि इस बाबत पुलिस अभी कुछ भी बोलने से इन्कार कर रही है। 

Edited By: Mritunjay