धनबाद, जेएनएन। धनबाद जिले के 1694 विद्यालयों में कार्यरत 3770 रसोईयों को नौ माह से मानदेय भुगतान नहीं हुआ है। इसके कारण रसोईया और उनके परिवार के समक्ष भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है। इनकी दुर्गा पूजा भी फीकी ही रह गई। झारखण्ड प्रदेश विद्यालय रसोईया संयोजिका अध्यक्ष संघ की धनबाद इकाई ने विभाग पर नाराजगी जताते हुए अविलंब मानदेय भुगतान की मांग की है।

जिला महासचिव मंजू देवी ने कहा कि राज्य के सभी जिलों ने मार्च तक का रसोईया का मानदेय भुगतान कर दिया है। धनबाद एकमात्र जिला है, जहां रसोईयों को मानदेय फरवरी माह से रोककर रखा गया है। अल्पमानदेय भोगी रसोईयों के मानदेय में इस विपत्ति के समय देरी एक अन्याय है। इस वैश्विक महामारी की घड़ी में रसोईया भुखमरी की कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि हेमन्त सोरेन की  सरकार में विद्यालय में कार्य करने वाली रसोईया सरकार की उपेक्षा की शिकार हो रही है।

मानदेय के अभाव में तोपचांची प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय हरिहरपुर की रसोईया खरिया देवी की भी पिछले दिनों मृत्यु हो गई। अगस्त में तीन माह का मानदेय भुगतान का निर्देश दिया गया था, लेकिन वह भी नहीं मिला।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस