318 करोड़ की झरिया-जामाडोबा जलापूर्ति योजना के डीपीआर में होगा संशोधन

धनबाद : झरिया में जल संकट दूर करने और सुचारू रूप से जलापूर्ति करने के लिए जामाडोबा-झरिया मेगा पेयजलापूर्ति योजना चल रही है। तीन वर्ष पुरानी यह योजना 318 करोड़ रुपये की है। बुधवार को झारखंड खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकार के प्रभारी एमडी सत्येंद्र कुमार ने इस योजना की समीक्षा की। इसमें झरिया विधायक सह सचेतक पूर्णिमा नीरज सिंह, जेएमसी एजेंसी और झमाडा के पदाधिकारी उपस्थित थे। जलापूर्ति योजना पर काम कर रही जेएमसी एजेंसी ने लगभग 318 करोड़ की इस जलापूर्ति योजना के डीपीआर में भी कुछ संशोधन की बात कही। एजेंसी के एलडी त्रिपाठी ने कहा कि तीन वर्ष पहले डीपीआर बनाया गया था, अब स्थितियां अलग हैं। इसीलिए इसी अनुरूप इसमें संशोधन की जरूरत है। एमडी ने विचार करने की बात कही।

जामाडोबा वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट की ओर से जामाडोबा से झरिया तक पेयजलापूर्ति के लिए जल्द से जल्द इंटेक वाल्व, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, पाइप लाइन, पंप हाउस, संप निर्माण और पुराने मोटर पंप को बदलने का निर्देश दिया गया। एजेंसी के प्रतिनिधियों ने बताया कि डिनोबिली मोड़ से फूसबंगला तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य लगभग एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण लगभग 50 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। फूसबंगला से थाना मोड़ झरिया तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी शुरू हो जाएगा। बस्ताकोला में भी पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रारंभ होगा। एमडी सत्येंद्र कुमार ने एजेंसी और झमाडा के साथ योजना की धीमी गति को लेकर हो रहे काम पर असंतोष जताते हुए काम में तेजी लाने का निर्देश दिया। झरिया विधायक ने हर हाल में जल्द से जल्द योजना पूरा करने का निर्देश दिया। इसके अलावा झरिया विधानसभा अंतर्गत नए पानी कनेक्शन के लिए अनुशंसित 65 आवेदकों का सूची भी दी गई। सभी आवेदकों को जल्द से जल्द पानी कनेक्शन की बात कही। मौके पर टीएम इंद्रेश शुक्ला, एसडीओ पंकज झा, विधायक प्रतिनिधि सूरज सिंह और जेएमसी-पीएमसी के पदाधिकारी उपस्थित थे।

Edited By: Jagran