देवघर [ आरसी सिन्हा ]। Benefits of Basil गर्मी में शीतल पेय गले को तर करता था। कोरोना ने यह हाल किया कि अब जेहन में शीतल पेय का नाम नहीं आता। अब तो सुबह उठकर लोग तुलसी-आंवला का सेवन कर रहे हैं। काढ़ा बनाकर पी रहे हैं। शीतल की जगह गर्म पानी का गर्मी में सेवन कर रहे हैं, उसमें भी देशी गरम मसाला डालकर। यही तो इम्युन सिस्टम को बढ़ा रहा है। देवघर की आबादी 16 लाख के करीब है। इसमें 18 साल से ऊपर के दस लाख लोग हैं। प्रतिदिन चार लाख का कोल्ड ड्रिंक्स लोग गटक जाते थे। कोरोना ने कोल्ड ड्रिंक्स के बाजार को औंधे मुंह गिरा दिया है। अभी प्रतिदिन 40 हजार से भी कम की बिक्री हो रही है। उसमें भी इस सेल में ब्रांडेड मिनरल वाटर शामिल हैं। दूसरी तरफ तुलसी के अर्क की मांग में बेतहाशा वृद्धि हुई है।

शीतल पेय का कारोबार धड़ाम

बात बात पर कोका कोला, पेप्सी, स्प्राइट, फ्रूटी की बात जुबान पर आती और उसकी दो घूंट लेकर गर्मी में गले को सुकून दे दी जाती थी। कोरोना ने ऐसी चपत लगायी है कि अब जेहन पर शीतल पेय का नाम भी नहीं आता। अब तो सुबह उठकर लोग तुलसी-आंवला का सेवन कर रहे हैं। अभी कुछ शादी ब्याह में तो रिश्तेदार और तो और मेहमान भी चाय की जगह काढ़ा मांग रहे थे। पिछले महीने के अंतिम सप्ताह में बिहार से एक बारात विवाह भवन में आयी थी। अपने करीब के दोस्त की बेटी की शादी थी। बता रहे थे कि बारातियों ने ऐसी फरमाईश की कि थोड़ी देर के लिए ठिठक गया। लेकिन हालात को देखते हुए खुशी हुई कि लोग कितने समझदार हो गए हैं। शीतल की जगह गर्म पानी और तुलसी का अर्क मांगने लगे। बोले कि शादी देखते वक्त एक एक ग्लास काढ़ा दिला दें तो मजा आ जाएगा। उसमें भी देशी गरम मशाला डालकर। यही तो इम्युन सिस्टम को बढ़ा रहा समधी साहब!

चार लाख का हर दिन बिकता था कोल्ड ड्रिंक्स

देवघर की आबादी 16 लाख के करीब है। इसमें 18 साल से उपर के दस लाख लोग हैं। देवघर में शीतल पेय पदार्थ का बाजार सालाना 13 करोड़ के आसपास है। यानि की प्रतिदिन तीन से चार लाख का कोल्ड ड्रिंक्स लोग गटक जाते हैं। कोरोना ने कोल्ड ड्रिंक्स के बाजार को औंधे मुंह गिरा दिया है। अभी प्रतिदिन 40 हजार की बिक्री हो पा रही है। उसमें भी यह सेल ब्रांडेड मिनरल वाटर का है। थोड़ा बहुत कोल्ड ड्रिंक्स हाल के दिनों में हुए शादी-ब्याह में बिका है। अभी इसका सीजन पीक पर होता है। मार्च से लेकर अक्टूबर के आगमन तक इसकी बिक्री होती है। देवघर में तो सावन-भादो मेला में 3 करोड़ का कारोबार हो जाता है। इस साल एक बार फिर मेला नहीं लगेगा। पिछले साल भी श्रावणी मेला नहीं लगा था। और कारोबार नहीं हो पाया था।

देवघर में तीन और मधुपुर में दो डिस्ट्रीब्यूटर

देवघर शहर में तीन डिस्ट्रीब्यूटर और मधुपुर इलाके में दो थोक विक्रेता हैं। आपके जेहन में शीतल पेय के जितने भी नाम हैं, उन सबका कारोबार पूरे जिला में सालाना 13 करोड़ का है। मार्च से अगस्त तक पीक सीजन बोला जाता है। देवघर में तो सावन का मेला लगता है। इस कारोबार में शहर के थोक विक्रेता साल के छह महीना की बिक्री इस दो महीने में कर लेते हैं।

तुलसी के सेवन से इम्युनिटी में वृद्धि

कोरोना की दूसरी लहर पहली से ज्यादा खतरनाक है। जिसके कारण लाखों लोग संक्रमित हो रहे हैं और शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने के कारण हजारों लोग जान गवां रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप खुद का ख्याल रखकर इस खतरनाक बीमारी से खुद को बचा सके। कई रिपोर्टों के अनुसार कोरोना से बचाव के लिए आपकी इम्यूनिटी काफी मजबूत होनी चाहिए। जिससे कि कोई भी संक्रामक बीमारी आपको अपना शिकार न बना सके। तुलसी के पत्ते में अधिक मात्रा में पोटैशियम, आयरन, क्लोरोफिल  मैग्नीशियम, कैरीटीन और विटामिन-सी के साथ एंटी ऑक्सीडेंट और एंटी बैक्टीरियल गुए पाए जाते हैं। इसके सेवन से इम्युनिटी में वृद्धि होती है। 

देवघर जिला में एक अनुमान के मुताबिक तकरीबन 13 करोड़ का कारोबार है। इसमें मिनरल वाटर भी है। पीक सीजन में प्रतिदिन लाखों की बिक्री होती है। अभी औसतन दस फीसद भी बिक्री नहीं है। श्रावणी मेला व्यापार का सीजन होता है। साल का आधा कारोबार इस दो महीने में हो जाता है। पिछले साल भी नुकसान हुआ था, इस बार भी मेला नहीं लगेगा। तो नुकसान तय है।

-शरद चंद्रा, मां इंटरप्राइजेज, देवघर। 

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