धनबाद : रेलवे स्टेशन के अंदर जाने की मनाही है। यात्री प्लेटफॉर्म पर ट्रेन का इंतजार करना तो दूर वहां तक पहुंच भी नहीं सकते हैं। ट्रेन आने के 90 मिनट पहले यात्रियों को आने की अनुमति दी गई है। कोरोना काल में बनी इस व्यवस्था को रेलवे स्थायी तौर पर अपनाने की तैयारी कर रही है। इतना ही नहीं 10 से बढ़कर 50 रुपये हुए प्लेटफॉर्म टिकट की कीमत में भी बदलाव की संभावना नहीं है। रेलवे स्टेशन और ट्रेनों की सफाई खर्च में कटौती को लेकर रेलवे ने इस व्यवस्था को अपनाने की तैयारी शुरू कर दी है। रेलवे बोर्ड के पर्यावरण एवं हाउसकीपिंग मैनेजमेंट के एग्जीक्यूटिव निदेशक शिवेंद्र मोहन ने इसे लेकर सभी जोनल को आदेश जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि कोविड-19 महामारी की वजह से गैर जरूरी यात्रा बंद है और यात्री ट्रेनें खाली चल रही हैं। यात्रियों की संख्या कम होने के साथ ही बायोटॉयलेट की वजह से स्टेशन की सफाई की जरुरत कम हो गई है। इसके मद्देनजर अब स्टेशन और ट्रेनों की सफाई के खर्च में कमी लाया जाए।

इन सुझावों पर किए जाए अमल

- अधिकृत यात्रियों के साथ प्लेटफॉर्म टिकट वालों को भी स्टेशन के अंदर प्रवेश पर रोक लगाई जाए।

- भीड़ नियंत्रण के लिए प्लेटफॉर्म टिकट की कीमतों में बढ़ोतरी की जाए।

- एनजीओ को स्टेशन की सफाई की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।

- तीन शिफ्ट में होनेवाली स्टेशन की सफाई दो शिफ्ट में कराई जाए। ओबीएचएस में 25 फीसद कर्मचारी कम किए जाएं

धनबाद : ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग स्कीम यानी चलती ट्रेनों में सफाई का काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या में 25 फीसद तक कटौती की जा सकती है। 24 कोच की ट्रेन में छह एसी कोच और 14 नॉन एसी होते हैं। इनमें सात ओबीएचएस स्टाफ, छह लीनेन अटेंडेंट और दो एसी अटेंडेंट रहते हैं। लीनेन और एसी अटेंडेंट को एकीकृत कर 15 के बजाय 11 कर्मचारियों से काम कराया जा सकता है। गंदगी फैलाने पर जुर्माना के नियम होंगे और सख्त

धनबाद : स्टेशन परिसर में गंदगी फैलाने पर रेलवे अधिकतम 500 रुपये तक जुर्माना वसूलती है। अब इसे और सख्त बनाया जाएगा। इससे जुड़ी सूचना भी यात्रियों को दी जाएगी। जुर्माने की रकम भी बढ़ाई जा सकती है।

Posted By: Jagran

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