धनबाद : जयप्रकाश नगर स्थित राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ कार्यालय में संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधियों ने पत्रकार वार्ता की। नेताओं ने कहा कि कॉमर्शियल माइनिंग के विरोध में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड में तमाम रजिस्टर्ड यूनियनों ने मजबूती और ईमानदारी से तीन दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने का निर्णय लिया है। आवश्यकता पड़ने पर हम कोयला मजदूर बेमियादी हड़ताल पर भी जा सकते हैं।

इन नेताओं ने कहा कि कोल इंडिया के पौने तीन लाख स्थाई मजदूर, लगभग तीन लाख का ठेका, आउटसोर्सिंग मजदूर, दो-तीन और चार जुलाई को पूरी तरह हड़ताल पर रहेंगे। एक छटाक कोयला ना तो उत्पादन होगा, ना ही डिस्पैच होगा। हमें हर राजनीतिक दलों का, मजदूर संगठनों का, नौजवानों का, लड़ाई में समर्थन प्राप्त है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि भाजपा सरकार को सद्बुद्धि दें कि वह कोयला मजदूर परिवार से टकराव को छोड़कर कामर्शियल माइनिंग के प्रस्ताव को वापस ले।

सभी श्रमिक नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों के हित के लिए देश की महारत्न कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड को आर्थिक रूप से पंगु करने का एकतरफा निर्णय ले लिया है। कॉमर्शियल माइनिंग चालू होने से देश के चंद धन्नासेठों का कोयला उद्योग पर वर्चस्व स्थापित हो जाएगा। यह कोल लिमिटेड को, कोयला मजदूरों को, कोयला उद्योग को बर्बादी के कगार पर ले जाएगा। भारत की सरकार ने लोकतात्रिक मर्यादा का भी पालन नहीं किया। इस देश में पेट्रोल, कोयला, जल जहाज, रेलवे, हवाई जहाज, दूरसंचार का सरकार ने साजिश के तहत निजीकरण कर दिया है। देश के चंद पूंजीपति ईस्ट इंडिया कंपनी की तरह देश पर अपना परोक्ष शासन चलाएंगे। ये थे उपस्थित : इसमें इंटक के मन्नान मल्लिक, ओपी लाल, एके झा, बृजेंद्र प्रसाद सिंह, रामप्रीत यादव, रामचंद्र पासवान, एटक के विनोद मिश्रा, केके कर्ण, हिंद मजदूर सभा के सिद्धार्थ गौतम, अर्जुन सिंह, एसएस डे, प्रदीप कुमार सिन्हा, सुग्रीव सिंह, संजीत कुमार सिंह भारतीय मजदूर संघ के केपी गुप्ता, सिटीया के मानस चटर्जी, एके पाल, झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन की ओर से सपन बनर्जी, युद्धेश्वर सिंह, सीमेवा के सुरेंद्र सिंह, इनमोसा के कुश कुमार सिंह, टीएन उपाध्याय, सीटिया के जेसी झा, बिहार जनता खान मजदूर संघ के मुरलीधरन आदि उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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