धनबाद, जेएनएन। मुख्यमंत्री बनने के बाद हेमंत सोरेन कार्डिनल से मिलने जाते हैं। इसके बाद पूरे राज्य में धर्मांतरण की गतिविधियां तेज हो जाती है। ऐसा क्यों? यह कहना है सांसद पीएन सिंह का। वे बेलगढिय़ा में धर्मांतरण के मुद्दे पर पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे। सांसद ने कहा कि इन दिनों पूरे राज्य में मिशनरी गतिविधियां तेज हो गई है। इसका ताजा उदाहरण बेलगढिय़ा है। यहां दो दर्जन लोगों का धर्म परिवर्तन कराया गया है। मुख्यमंत्री बताएं कि वे अन्य धर्मों के धर्माचार्य से क्यों नहीं मिले।

पीएन सिंह ने कहा कि एक निरक्षर व्यक्ति से घर बनाने के नाम पर जमीन ले ली गई और उस पर चर्च बना दिया गया है। यह सरासर फर्जीवाड़ा है। जिला प्रशासन को इस पर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। कौन सी संस्था यह सब करवा रही है, उसे चिह्नित कर उसके खिलाफ एफआइआर करनी चाहिए। संवाददाता सम्मेलन में मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल, जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह, संजय झा, नितिन भट्टï, मुकेश पांडेय, मिल्टन पार्थसारथी आदि थे।

विधायक इंद्रजीत को प्रताडि़त करना बंद करे सरकार : सांसद ने कहा कि विधायक इंद्रजीत महतो ने बेलगढिय़ा में कोई भाषण नहीं दिया। किसी को उत्तेजित नहीं किया। बावजूद इसके उन पर मुकदमा ठोक दिया गया। सरकार की यह सरासर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई है। सांसद-विधायक जहां रहेंगे वहां 50 लोग जुट ही जाते हैैं। इसका मतलब यह नहीं कि जनप्रतिनिधियों पर मुकदमे लाद दिए जाएं।

सादा कागज पर अंगूठा का निशान लगवाया : प्रेसवार्ता में शामिल छाताटांड़ के रैयत मनोहर महली ने कहा कि उनसे धोखे से जमीन ली गई। इस सवाल पर कि एग्रीमेंट पेपर में चर्च निर्माण की बात कैसे लिखी है, महली ने कहा कि उनसे सादा कागज पर अंगूठे का निशान लिया गया था। 1.5 लाख रुपये दिए गए थे। शेष बाद में देने की बात थी। 3.5 डिसमिल जमीन चर्च वालों ने ली थी। कागज पर उन्होंने बाद में क्या लिखा मैैं नहीं जानता।

हर जगह आदिवासी जमीन पर बना रहे चर्च : सिंदरी विधायक इंद्रजीत महतो ने कहा कि हर जगह मिशनरी आदिवासियों को ठग कर जमीन हड़प रहे हैैं। उनकी जमीन पर चर्च बना रहे हैैं। मुकुंदा व करमाटांड़ में भी उन्होंने चर्च बनाया है। लोगों के विरोध के बाद उन्हें हटना पड़ा। प्रशासन को शांति भंग करने वाले ऐसे लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई करना चाहिए।

भूदा-बरमसिया में भी रही है गतिविधि : विधायक राज सिन्हा ने कहा कि मिशनरियों ने बरमसिया व भूदा में भी धर्मांतरण का प्रयास किया था। वहां स्थानीय लोगों ने विरोध जताया। थाना को लिखित जानकारी दी। इसके बाद मिशनरी गतिविधियां धीमी पड़ी।

Posted By: Sagar Singh

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