धनबाद, जेएनएन। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की 17 फरवरी को भाजपा में घर वापसी होने जा रही है। झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी 17 को अपनी पार्टी झारखंड विकास मोर्चा का भाजपा में विलय कर देंगे। साथ ही खुद भी भाजपा में शामिल हो जाएंगे। बाबूलाल के फैसले से झाविमो के ज्यादातर नेता और कार्यकर्ता खुश हैं। लेकिन, वे अंदर ही अंदर भाजपा में अपने भविष्य और भूमिका को लेकर चिंतित हैं। दूसरी तरफ राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने झाविमो के वरिष्ठ नेता पूर्व मंत्री डॉ. सबा अहमद को अपने पार्टी में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। डॉ. अहमद बिहार में लालू और राबड़ी सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। 

झारखंड में 24 जिले हैं। 24 जिलों में झाविमो की जिला कमेटी हैं। सभी जिला में जिलाध्यक्ष और दूसरे जिलास्तरीय नेता हैं। इसके साथ ही झाविमो प्रदेश कमेटी में भी बड़ी संख्या में नेता और पदाधिकारी हैं। सभी को अपने भविष्य की चिंताएं सता रही हैं। ऐसे नेताओं को भाजपा की जिला और प्रदेश कमेटी में अपना स्थान बनाने के लिए खासा संघर्ष करना पड़ेगा। कुछ नेता तो अच्छे ढंग से एडजस्ट हो जाएंगे।  पर सभी का एडजस्ट होना मुश्किल है। इस बात को बाबूलाल भी अच्छी तरह समझ रहे होंगे। धनबाद में झाविमो प्रवक्‍ता और कोषाध्‍यक्ष रहे राजीव शर्मा, युवा मोर्चा अध्‍यक्ष रहे दिलीप कुमार चौधरी, मजबूत स्‍तंभ सरोज सिंह, केंद्रीय महासचिव रमेश राही, जिला परिषद सदस्‍य संतोष महतो भी भविष्य को लेकर चिंतित हैं। सराेज सिंह और रमेश राही की मानें तो वे बाबूलाल मरांडी के साथ हैं। जबकि अन्‍य भाजपा में अपने अस्तित्‍व को देख निर्णय लेने की तैयारी में हैं। वहीं डॉ. सबा अहमद को राजद का आमंत्मिरण  मिल रहा है। 

डॉ. अहमद ने कहा किसी पार्टी में जाने का निर्णय बहुत ही सोच समझ कर लेंगे। हालांकि उनकी प्राथमिकता सूची में राजद, कांग्रेस और झामुमो है। उन्‍होंने बताया कि लालू यादव की ओर से भी राजद में शामिल होने का आमंत्रण आया है।  

Posted By: Mritunjay

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