धनबाद, जेएनएन:  धनबाद पुलिस से तेज जयपुर पुलिस निकली है। व्यवसायियों से रंगदारी वसूलने के छह-छह मामलों के वाट्सएप मैजेस धनबाद पुलिस के पास पड़ा रहा है। पुलिस अपराधी अमित कुमार सिंह के चाल को समझ नहीं पाई। दूसरी तरफ जयपुर पुलिस के सामने एक ही मामला आया और अमित कुमार का शिकार कर डाला। अपराधियों का शिकार करने की कला धनबाद पुलिस जयपुर पुलिस से सीख सकती है। 

जेल में बंद फहीम खान के नाम पर धनबाद जिले के करीब आधा दर्जन व्यवसायियों से रंगदारी मांगने वाला पटना निवासी अमित कुमार सिंह आखिर कार राजस्थान के जयपुर पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया। अमित जयपुर के एक व्यवसायी विनय गोधा को मैसेज भेज दो करोड़ रुपये रंगदारी मांगी थी। रंगदारी की राशि ट्रेन में पहुंचाने को कहा था। इस दौरान पुलिस ने अपना जाल बिछाया और अमित को धर दबोचा। जबकि धनबाद पुलिस ने भी अमित का मोबाइल लोकेशन पटना में ट्रेस किया था और वहां छापामारी की थी। अमित को धनबाद पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पायी थी। जबकि पहली बार में ही जयपुर पुलिस ने जाल बिछा कर उसे गिरफ्तार कर लिया। 

मोबाइल नंबर के कारण धनबाद से जुड़ा मामला

अमित की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही धनबाद पुलिस ने जयपुर पुलिस से संपर्क किया। पता चला कि जिस मोबाइल नंबर से अमित ने विनय गोधा को मैसेज संदेश भेजा था, उसी नंबर से उसने धनबाद के व्यवसायियों को भी संदेश दिया था। यह बात साबित होते ही धनबाद पुलिस जयपुर के लिए तत्काल रवाना हो गई। 

धनबाद पुलिस ने की अमित से पूछताछ

धनबाद पुलिस के अधिकारी जयपुर में हैं। पुलिस दल ने सोमवार को अमित से पूछताछ की। अमित को धनबाद लाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। जयपुर गई पुलिस टीम का नेतृत्व एसआइ संतोष कुमार कर रहे हैं। 

धनबाद के इन व्यवसायियों से मांगी थी रंगदारी

अमित ने धनबाद के व्यवसायियों से लाखों रुपयों में रंगदारी की मांग की थी। इनमें झरिया के खाद्यान्न व्यवसायी रुपेश करीवाल से 20 लाख, पुराना बाजार के आभूषण व्यवसायी पवन कुमार सोनी से सात लाख, बैंक मोड़ ज्वेलरी व्यापारी शशी भूषण से पांच लाख और सरायढेला के मुकेश वर्मा से 20 लाख रुपये मांगे गए थे। 

Posted By: Mritunjay

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