धनबाद, जेएनएन। पीएमसीएच के इमरजेंसी में मरीजों का इलाज ऊपर वाले के भरोसे हो रहा है। रविवार की शाम गिरिडीह मुफस्सिल से आये सुभाष राय के टूटे पांव को वॉर्ड अटेंडेंट ने प्लास्टर करके जोड़ दिया।

दरअसल, एक घंटे से मरीज आकर इमरजेंसी में पड़ा रहा। इमरजेंसी से विशेषज्ञ डॉक्टर को कॉल किया गया, लेकिन डॉक्टर साहब के आने में देरी हो रही थी। लिहाजा मरीज के परिवार वाले ने हो-हल्ला शुरू कर दिया। इमरजेंसी में बैठी जूनियर डॉक्टर ने आकर मरीज को देखा। इसके बाद मरीज को माइनर ओटी में ले जाया गया। ओटी में मरीज को टेबल पर लिटा दिया गया। इसके बाद प्लास्टर तैयार करके मरीज को वॉर्ड अटेंडेंट ने लगा दिया। वॉर्ड अटेंडेंट मरीज के पैर को सीधा करता रहा, मरीज दर्द से कराहता रहा। मरीज के परिजन हड्डी के डॉक्टर के बारे में पूछते रहे, लेकिन इसकी जानकारी किसी ने नहीं दी। अब बाद में मरीज का ऑपरेशन होगा। 

हड्डी, ईएनटी, सर्जरी डॉक्टर आते हैं ऑन कॉल 

पीएमसीएच में कहने को तो इमरजेंसी में डॉक्टरों की ड्यूटी चार्ट लगायी जाती है, लेकिन सीनियर डॉक्टर प्राय: नहीं दिखते हैं। कई डॉक्टरों ऑन कॉल पर रहते हैं। यह तभी आते हैं, जब कोई गंभीर मरीज इमरजेंसी में आता है। इमरजेंसी में गंभीर मरीजों का इलाज अक्सर जूनियर डॉक्टर ही करते हैं। 

Posted By: Mritunjay

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