भौंरा : पूर्वी झरिया क्षेत्र की महत्वाकांक्षी सुदामडीह फायर पैच से विस्थापित होनेवाले लोगों के पुनर्वास को लेकर शुक्रवार को जीएम कार्यालय में प्रबंधन, पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी व पार्षद प्रियंका देवी के बीच हंगामेदार तीखी वार्ता हुई। गरमा-गर्म माहौल के बीच वार्ता बेनतीजा रही। विस्थापितों का नेतृत्व कर रही प्रियंका मांगों से पीछे हटाने को तैयार नहीं थी। वहीं जीएम जीसी साहा कंपनी के नियमानुसार विस्थापितों को पुनर्वास करने की बात कह रहे थे। वार्ता के दौरान कई बार दोनों पक्षों के लोगों में जमकर हंगामा भी हुआ। जीएम और सुदामडीह थाना प्रभारी विनय कुमार ने नाराजगी जाहिर करते हुए पार्षद व उनके लोगों को शांति से बात रखने को कहा। वार्ता के दौरान पार्षद प्रियंका देवी व उनके पति उचित महतो ने कहा कि फायर पैच से विस्थापित होनेवाले लोगों को दो लाख 25 हजार रुपये के साथ केके गेट या कामिनी कल्याण पाथरडीह की खाली जमीन दें या फिर बीसीसीएल प्रबंधन विस्थापितों को घर बना कर दें। यहां के लोग जेआरडीए के तहत बेलगढि़या नहीं जाएंगे और ना ही 10 हजार का मुआवजा लेंगे। कहा कि जेआरडीए की राशि की बंदरबांट हो रही है। महाप्रबंधक ने लोगों से कहा कि कंपनी किसी को कम या ज्यादा मुआवजा नहीं देगी। सभी के साथ इंसाफ किया जाएगा। जहां पैच शुरू की जा रही है वह अग्नि और भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र है। यहां रहना खतरे से खाली नहीं है। कई बार अप्रिय घटना हो चुकी है। जीएम ने स्पष्ट कहा कि कुछ लोग विस्थापितों को गुमराह कर उन्हे भड़का रहे हैं। विस्थापितों से कहा कि अगर आपके पास जमीन के कागज हैं तो वहां कोयला खनन नहीं करेंगे। पीओ सत्येंद्र कुमार ने कहा कि क्षेत्र और विशेष कर सुदामडीह क्षेत्र में ये ही एक मात्र परियोजना है। अगर यही स्थिति रही तो इसका सीधा असर कोल उत्पादन पर पड़ेगा। यहां करीब छह सौ श्रमिक कार्य कर रहें। मजबूर होकर उनका स्थानांतरण करना होगा। यह सुदामडीह की सेहत के लिए अच्छा नहीं होगा। मौके पर जीएम व पीओ के अलावा जयंत कुमार, डीके सिन्हा, शैलेंद्र कुमार, राजन कुमार, पार्षद की ओर से मनोज विश्वकर्मा, सरला देवी, रेखा देवी, अनिता देवी, मीरा देवी, पार्वती देवी, आशा देवी, रानी देवी आदि थे।

Posted By: Jagran

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