धनबाद : मूल्य वृद्धि कर (वैट) 22 प्रतिशत से कम करने की मांग को लेकर सोमवार को झारखंड पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन की सांकेतिक हड़ताल सफल रही। इस दौरान जिले के करीब 135 पेट्रोल पंप बंद रहे। हालांकि आमाघाटा स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप से कुछ हद तक लोगों को राहत मिली। एसोसिएशन की ओर से 12 घंटे की बंदी का आह्वान किया गया था। पंपों की बंदी के दौरान करीब 10 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। एसोसिएशन के पदाधिकारी कोर्ट रोड स्थित ग्रीनव्यू पंप पहुंचकर प्रदर्शन के साथ वैट में बढ़ोतरी के खिलाफ नारे लगाए। एसोसिएशन के महासचिव शरत दुदानी ने कहा कि एक दिन की सांकेतिक हड़ताल पूर्णत: सफल रही, धनबाद सहित राज्य भर के पंप मालिकों का इस आंदोलन में सहयोग मिला है।

उन्होंने कहा कि एसोसिएशन की मांग है कि मूल्य वृद्धि कर (वैट) 22 प्रतिशत से घटाकर कम से कम 18 प्रतिशत की जानी चाहिए। वैट वृद्धि से बंगाल व यूपी की तुलना में डीजल झारखंड में तीन से पांच रुपये महंगा मिल रहा है। यदि सांकेतिक हड़ताल के बाद भी सरकार का सकारात्मक रूख सामने नहीं आता है, तो एसोसिएशन अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए बाध्य होगा।

संजीव राणा ने कहा कि एसोसिएशन पंप बंद कराने सड़कों पर नहीं उतरा है। पंप मालिकों ने स्वेच्छा से अपने पंपों को बंद रखा है। इस बंदी में जनता का भी भरपूर समर्थन मिला है। वहीं शाम को पंप खुलते ही पंपों पर पेट्रोल व डीजल के लिए वाहनों की कतार लग गई। मौके पर एसोसिएशन के अशोक सिंह, हेमंत सिंह, रितेश सिंह, शाहीद परवेज, नरेश चावड़ा, कमल सिंह सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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