झारखंड में महिला उद्यमियों को बिना ब्याज के मिलेगा लोन, ₹10 लाख की सब्सिडी भी देगी सरकार
देवघर में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) ने झारखंड इनक्यूबेटर आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया।

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
झारखंड इनक्यूबेटर आउटरीच कार्यक्रम का देवघर में आयोजन।
महिला उद्यमियों को 10 लाख तक अनुदान या ब्याज-मुक्त ऋण।
आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क देगा प्रशिक्षण और सहयोग।
जागरण संवाददाता, देवघर। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी देवघर के सौजन्य से जिला स्तरीय झारखंड इनक्यूबेटर आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस दौरान सारठ विधायक उदय शंकर सिंह ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मौके पर उपायुक्त और उप विकास आयुक्त उपस्थित थे।
झारखंड इनक्यूबेटर कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य में नवाचार , उद्यमिता और स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देना है।
जेएसपीएलएस द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से जिले के विभिन्न हितधारकों, उद्यमियों और विकास कार्यों से जुड़े संगठनों को एक साझा मंच प्रदान करने का कार्य किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों को सृजित किया जा सके।
सारठ विधायक उदय शंकर सिंह ने कहा कि देवघर जिले में हुनरमंद दीदियों की कमी नहीं है। आवश्यक है सही मार्गदर्शन की, जो कि अब आईआईएम कोलकाता के माध्यम से दिया जाएगा। सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए झारखंड इनक्यूबेटर कार्यक्रम की शुरुआत की है।
अक्सर कहा जाता है कि जब एक पुरुष आगे बढ़ता है, तो एक व्यक्ति आगे बढ़ता है। लेकिन जब एक महिला आगे बढ़ती है, तो उसका पूरा परिवार और आने वाली पीढ़ी आगे बढ़ती है।
सखी मंडल की दीदी घर चलाने के साथ-साथ गांव की अर्थव्यवस्था को भी बदल सकती हैं। अब हुनर को एक बड़े व्यवसाय का रूप देने का समय आ गया है।
जेएसएलपीएस और IIM कोलकाता मिलकर राज्य की 150 बेहतरीन महिला उद्यमियों को चुनकर उन्हें तराशने का काम कर रहे हैं। बिजनेस को बड़ा करने के लिए 10 लाख रुपये तक का अनुदान और ब्याज-मुक्त ऋण भी दिया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम
उपायुक्त ने कहा कि झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए झारखंड इनक्यूबेटर कार्यक्रम की शुरुआत की है।
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा अनुमोदित इस अनूठी पहल को आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क के सहयोग से क्रियान्वित किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य झारखंड की स्वयं सहायता समूह आधारित महिला उद्यमियों को गैर-कृषि क्षेत्र में सशक्त बनाना, उनके व्यवसाय को बढ़ाना, राजस्व में वृद्धि करना और उनकी आजीविका को स्थायी सहारा देना है।
उत्कृष्ट उद्यमियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें व्यवसाय विस्तार के लिए 10 लाख तक का अनुदान या ब्याज-मुक्त ऋण भी मिलेगा। आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क प्रशिक्षण,व्यवसाय के विकास और ब्रांडिंग में विशेष सहायता करेगी।
नेटवर्किंग, बाजार संपर्क तथा सरकारी योजनाओं में मदद मिलेगी। व्यवसाय के औद्योगिकीकरण-औपचारिकीकरण जैसी व्यापक सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी।
रांची में स्थापित केंद्रीय हब से जुड़कर देवघर जिले में प्रखंड और जिला स्तर पर स्पोक केंद्र विकसित किए जाएंगे। ये केंद्र हमारे स्थानीय उद्यमियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन, साझा सेवाएं और तकनीकी सहयोग सीधे उनके क्षेत्र में पहुंचाएंगे, जिससे ग्रामीण उद्यमिता का एक मजबूत नेटवर्क तैयार होगा।
देवघर के ग्रामीण उद्यमों को आधुनिक तकनीक और नए विचारों से जोड़ा जाएगा। बेहतर बाजार पहुंच और संस्थागत सहयोग से महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे स्थायी आजीविका सुनिश्चित होगी।
बिजनेस लीडर बनने का अवसर
उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा ने कहा कि आज झारखंड इनक्यूबेटर कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से अनूठी और दूरदर्शी पहल की गयी है।
जमीनी स्तर पर स्वयं सहायता समूह की दीदियों की क्षमता और उनकी मेहनत को बहुत करीब से सभी ने देखा है। सखी मंडल के माध्यम से न केवल अपने परिवारों को संभाला है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनकर उभरी हैं।
अब समय आ गया है कि हम परंपरागत आजीविका से एक कदम आगे बढ़कर आपको बिजनेस लीडर और उद्यमी के रूप में स्थापित करें।
यह कार्यक्रम हमारी दीदियों के बड़े सपनों को उड़ान देने का माध्यम बनेगा। मौके पर डीआरडीए निदेशक सागरी बराल व अन्य उपस्थित थे।
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