रेलवे कर्मचारियों को झटका: रेल क्वार्टरों का 10 से ₹630 तक बढ़ा मासिक किराया, 1 जुलाई से लागू होंगी नई दरें
रेलवे बोर्ड ने देशभर के रेल क्वार्टरों के मासिक लाइसेंस शुल्क में ₹10 से ₹630 तक की बढ़ोतरी की है, ...और पढ़ें

रेलवे बोर्ड ने देशभर में आवंटित रेलवे क्वार्टरों के मासिक लाइसेंस शुल्क में संशोधन किया है।
HighLights
नई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगी।
जर्जर क्वार्टरों पर बढ़ी हुई दरें लागू नहीं होंगी।
जागरण संवाददाता, चक्रधरपुर। रेलवे कॉलोनियों में रहने वाले रेलकर्मियों और अधिकारियों के लिए रेलवे बोर्ड ने एक अहम आदेश जारी किया है।
बोर्ड ने देशभर के रेलवे क्वार्टरों के मासिक लाइसेंस शुल्क (किराए) में संशोधन किया है। अब कर्मचारियों को क्वार्टर की श्रेणी और क्षेत्रफल (प्लिंथ एरिया) के हिसाब से पहले की तुलना में अधिक शुल्क देना होगा। नई दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी।
रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर फाइनेंस (एक्सपेंस) आशीष सिंह द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, क्वार्टरों के मासिक शुल्क में 10 रुपये से लेकर 630 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। इसका सीधा असर हर महीने रेलकर्मियों के वेतन से होने वाली कटौती पर पड़ेगा।
किस श्रेणी में कितना बढ़ा किराया?
- टाइप-वन: 25 वर्ग मीटर तक के आवास का शुल्क 120 रुपये से बढ़ाकर 130 रुपये कर दिया गया है। वहीं, 25 से 30 वर्ग मीटर वाले क्वार्टर के लिए अब 150 रुपये की जगह 170 रुपये देने होंगे।
- टाइप-टू: 45 वर्ग मीटर तक के आवास का किराया 250 से बढ़कर 280 रुपये और 45 से 50 वर्ग मीटर वाले क्वार्टर का शुल्क 280 से बढ़कर 310 रुपये किया गया है।
- टाइप-थ्री: 60 वर्ग मीटर तक के आवास का शुल्क 420 रुपये से बढ़ाकर 470 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, 60 से 65 वर्ग मीटर के लिए 530 रुपये, 65 से 70 वर्ग मीटर के लिए 570 रुपये और 70 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले क्वार्टर का मासिक लाइसेंस शुल्क 610 रुपये तय किया गया है।
तीन साल बाद हुआ संशोधन
रेलवे बोर्ड ने इससे पहले 1 जुलाई 2023 को लाइसेंस शुल्क में बदलाव किया था। लगभग तीन साल बाद पुनः दरों को संशोधित किया गया है।
हालांकि, राहत की बात यह है कि सब-स्टैंडर्ड श्रेणी के अंतर्गत आने वाले जर्जर या खराब रेल क्वार्टरों पर यह बढ़ा हुआ शुल्क लागू नहीं होगा।
