देवघर, जेएनएन। अपनी ही पार्टी की एक नेत्री के साथ यौन उत्पीडऩ के आरोपित पोड़ैयाहाट से झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो) के विधायक प्रदीप यादव ने गुरुवार को प्रभारी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सह अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी कमल रंजन की अदालत में सरेंडर कर दिया। उनके अधिवक्ता ने जमानत याचिका तत्काल दाखिल की। अभियोजन व बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद अदालत ने याचिका को खारिज कर प्रदीप को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
मालूम हो कि विधायक पर महिला नेत्री ने 3 मई 2019 को यौन उत्पीडऩ सहित कई संगीन आरोप लगा देवघर महिला थाने में कांड संख्या 13/19 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने धारा 354 ए, 354 बी, 354 डी, 376 /511 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। 14 मई 2019 को उनके अधिवक्ता रामदेव यादव ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की।
18 मई 2019 को यह मामला जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम मोहम्मद नसीरुद्दीन की अदालत में सुनवाई के लिए स्थानांतरित किया गया। इस दौरान मिली पांच तारीखों पर दोनों पक्षों ने बहस की। इसके बाद कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। अब जमानत याचिका प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में दाखिल होगी। इधर, विधायक के सरेंडर करने की सूचना से कचहरी परिसर में उनके समर्थकों की भीड़ जुट गई थी।
उच्च न्यायालय में याचिका हुई थी खारिज
निचली अदालत में खारिज होने पर उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई थी। वहां भी यह खारिज कर दी गई थी। इधर, देवघर कोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अनुसंधानकर्ता इंस्पेक्टर संगीता कुमारी व एसआइ असीम कमल टोपनो की टीम ने रांची सहित गोड्डा में उनके ठिकाने पर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की थी। तब पुलिस को सफलता हाथ नहीं लगी थी। पुलिस को लगातार दबाब बनाते देख विधायक ने आखिरकार सरेंडर कर दिया।
विधायक को जेल में मिलेगी ग्रेड ए बंदी की सुविधा
आरोपित विधायक को देवघर सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। यहां उन्हें वीआइपी की तरह सुविधा मिलेगी। जेल अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर ने बताया कि नियमानुसार ग्रेड ए बंदी को दी जाने वाली तमाम सुविधाएं उन्हें मिलेंगी। उन्हें टीवी, बेड, पंखा, पानी व अन्य सुविधाएं मिलेंगी। सप्ताह में एक दिन उन्हें एक साथ तीन लोगों से मुलाकात करने का मौका दिया जाएगा।
होटल में हुई थी घटना
देवघर नगर थाना क्षेत्र के करनीबाग स्थित शिव सृष्टि पैलेस होटल के कमरा नंबर 202 में इसी वर्ष 20 अप्रैल को महिला नेत्री के साथ यौन उत्पीडऩ की घटना हुई थी। इस मामले में विधायक ने साइबर थाना पहुंचकर अपना पक्ष भी रखा था। आरोपों को बेबुनियाद कह राजनीतिक साजिश के तहत फंसाने की बात कही थी।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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