देवघर : देवघर साइबर पुलिस टीम ने आइसीआइसीआइ बैंक के 74 ग्राहकों से एक करोड़ रुपये की अवैध निकासी में चार और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इन सभी आरोपितों को शनिवार की देर रात जामताड़ा जिला से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार होनेवालों में जामताड़ा जिला के नारायणपुर थाना क्षेत्र के धर्मपुर निवासी नेमुल हक, मदनाडीह निवासी अनवर अंसारी, मदनाडीह निवासी नजामुद्दीन अंसारी व रिगोचिगो निवासी अमाउल अंसारी शामिल हैं। इनके पास से आठ मोबाइल फोन, चार सीम कार्ड, नौ एटीएम कार्ड, पांच चेकबुक, 14 पासबुक सहित एक पासपोर्ट भी बरामद किया गया है। बता दें कि इन चार के पहले ही इस मामले में 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

बताया जाता है कि पूर्व में साइबर थाना में दर्ज आइसीआइसीआइ बैंक मामले में गिरफ्तार आरोपितों के पास से बरामद मोबाइल फोन सहित अन्य दस्तावेजों को खंगाला गया। तकनीकी जानकारी जुटाने के बाद प्राप्त साक्ष्य के आधार पर एसपी पीयूष पांडेय के निर्देश पर साइबर डीएसपी नेहा बाला ने एक टीम का गठन किया। इंस्पेक्टर कलीम अंसारी के नेतृत्व में पीएसआइ शैलेश कुमार पांडेय, पांडु सामद, गौतम कुमार वर्मा, मनोज व कपिल देव सहित आरक्षी कृष्णापूर्ति, विश्वजीत कुमार, रियाजुल हक, धीरज महतो, जयराम, सपन, प्रदीप, तीरथ, बबीता कुमारी, दीपेश कुमार, रंजन, नुनेश्वर ठाकुर, वरूण, विजय व चालक विजय व जगदीश तुरी की टीम में शामिल कर छापेमारी का निर्देश दिया गया। टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से चारों साइबर आरोपितों को धर दबोचा। पकड़े गए सभी आरोपितों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपितों का अपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। वहीं पुलिस गिरफ्तार सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अनवर के पासपोर्ट को पुलिस ने किया जब्त : इसमें अनवर अंसारी ग्रामीण बैंक का सीएसपी संचालक है। साथ ही वो वर्ष 2019 में जामताड़ा विधानसभा से चुनाव भी लड़ चुका है। इस चुनाव में उसने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना किस्मत अजमाया था। चुनाव में उसे 1549 मत मिले थे। पुलिस को उसका पासपोर्ट जब्त किया गया है। एक संचालक के तौर पर कार्य करते हुए साइबर अपराधी के रूप में उसकी भूमिका को भी खंगाला जा रहा है।

Posted By: Jagran

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