झारखंड में गर्मी का मौसम आते ही फर्जीवाड़ा शुरू, रेलवे स्टेशन से लेकर बस स्टैंड तक बिक रही नकली पानी बोतल
गर्मी बढ़ने के साथ मधुपुर में नकली पानी की बोतलों की बिक्री बढ़ गई है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और ...और पढ़ें

पानी की बोतल। फाइल फोटो

समय कम है?
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संवाद सूत्र, मधुपुर। प्रचंड गर्मी ने दस्तक दे दी है। गर्मी में पानी की मांग बढ़ गई है। रेलवे स्टेशन हो फिर बस पड़ाव, होटल रेस्तरां, नाश्ता दुकानों पर सील पैक पानी के बोतल की बिक्री बढ़ गई है।
साथ ही घरों में पानी की किल्लत होने से बड़ा गैलेन से पानी खरीदने की मजबूरी है। लोग यह समझ नहीं पा रहे हैं कि पानी की जांच हुई है कि नहीं। मधुपुर के आमजन ने नकली पानी की बिक्री पर अंकुश लगाने की मांग की है।
मधुपुर स्टेशन के बाहर और यहां से गुजरने वाली ट्रेनों में धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। सेहत के साथ यह बड़ा खिलवाड़ देखा जा रहा है। यात्री प्यास बुझाने के चलते पानी खरीदने को मजबूर हैं।
बताया जाता है कि रेलवे में रेल नीर बेचने की अनुमति दी गई है, लेकिन स्टेशन के बाहर विभिन्न कंपनियों के थोक विक्रेता की दुकान खुली हुई है। जो हाकर, वेंडर के माध्यम से ट्रेनों में खपा रहे हैं।
नकली उत्पादों पर पुलिसिया कार्रवाई
हालांकि पिछले साल ब्रांडेड कंपनी के अधिकारी स्थानीय पुलिस की सहयोग से शहर के विभिन्न मोहल्ला व बाजार में छापेमारी कर लाखों रुपये के नकली उत्पाद (जैसे साबुन और क्रीम) जब्त किए थे।
इससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि इस क्षेत्र में नकली उत्पाद बिक्रेता गिरोह भी सक्रिय हैं। बताया जाता है कि नकली पानी के कारोबार के साथ-साथ शहर में पेयजल संकट भी एक बड़ा मुद्दा है।
इस संकट से मुक्ति के लिए करोड़ों रुपए की लागत से शहरी जलापूर्ति योजना बनाई गई । शहर में तीन तीन जल मीनार बनाया गया। पाइप लाइन बिछाई गई, फिर भी मधुपुर वासी जल संकट से जूझ रहे हैं। शहरवासी को पानी के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
