देवघर : साइबर पुलिस के हत्थे चढ़े अबतक 55 आरोपितों में से पांच की संलिप्तता आगरा (उत्तर प्रदेश) में हुए 50 करोड़ रुपये की ठगी में भी रही है। इसकी जानकारी देते हुए एसपी पीयूष पांडेय ने कहा कि आगरा साइबर सेल की पुलिस ने उनसे संपर्क कर घटना के संबंध में जानकारी दी थी। आगरा पुलिस को अनुसंधान के दौरान देवघर के साइबर गिरोह के सदस्यों के शामिल होने का पता लगा था। इस मामले में आगरा साइबर सेल ने पूर्व में कई साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

इसके अलावा एक मई से 10 जून तक गिरफ्तार 55 साइबर अपराधियों में से पांच आगरा में हुई ठगी में संलिप्त हैं। इसी को लेकर आगरा की साइबर सेल ने उनसे संपर्क स्थापित किया था। हालांकि एसपी ने आगरा में हुए कांड में गिरफ्तार आरोपित के नाम का खुलासा नहीं किया है। उन्होंने बताया कि आगरा पुलिस को गिरफ्तार आरोपितों के बारे में सूचना दे दी गई है। यहां आने के बाद कानूनी प्रक्रिया के उपरांत सभी उन सभी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर जाएगी। गिरफ्तार साइबर आरोपित के पास से सामान बरामद : देवघर साइबर थाना में एक मई से 10 जून तक दर्ज नौ कांड दर्ज किए गए। इस मामले में 55 साइबर आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपितों के पास से 3,59,500 रुपये नकद सहित 111 मोबाइल फोन , 248 सिम कार्ड, 148 एटीएम, 63 पासबुक, तीन मोटरसाइकिल, 13 चेकबुक, तीन लैपटॉप, एक क्लोन मशीन और एक स्वाइप मशीन बरामद किया गया है। छापेमारी दल में ये सदस्य थे शामिल : एसपी के निर्देश पर साइबर डीएसपी नेहा बाला द्वारा छापेमारी दल का गठन किया गया। इंस्पेक्टर संगीता कुमारी के नेतृत्व में पीएसआइ गौतम कुमार वर्मा, पांडू सामद, कपिल देव, मनोज टुडू व शैलेश कुमार पांडेय, सहित आरक्षी जयराम, सपन, तीरथ, बबीता कुमारी, दीपेश कुमार, रंजन, नुनेश्वर, वरुण, विजय, विजय व जगदीश (चालक आरक्षी) को शामिल किया गया।

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