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देवघर में सैकड़ों कांवड़ियों के मोबाइल और बैग चोरी, झारखंड-बिहार से लेकर बांग्लादेश तक फैला है चोरों का नेटवर्क

Published: Wed, 19 Aug 2026 10:17 AM (IST)

श्रावणी मेला के दौरान देवघर में सैकड़ों कांवरियों के मोबाइल फोन और दर्जनों के बैग व बटुए चोरी हो गए ...और पढ़ें

देवघर श्रावणी मेला में चोरों का आतंक सैकड़ों कांवरियों के मोबाइल व बटुए चोरी।

देवघर श्रावणी मेला में चोरों का आतंक सैकड़ों कांवरियों के मोबाइल व बटुए चोरी।

HighLights

  1. सैकड़ों कांवरियों के मोबाइल फोन चोरी, दर्जनों बैग गायब।

  2. झारखंड, बिहार, बंगाल, यूपी के चोर गिरोह सक्रिय।

  3. चोरी के मोबाइल बांग्लादेश तक पहुंचाए जा रहे।

जागरण संवाददाता, देवघर। श्रावणी मेला के दौरान कांवरियों को चोर व पाकेटमारों के द्वारा लगातार निशाना बनाया जा रहा है। मेला के दौरान बाहरी चोरों ने यहां गदर मचा रखा है। अब तक मेला के दौरान सैंकड़ों कांवरियों का मोबाइल फोन चोरी कर लिया गया है।

वहीं दर्जनों लोगों का बैग व बटुआ की चोरी की गयी है। ये चोर मंदिर, शिवगंगा, बाजार व भीड़ भाड़ वाले इलाके में सक्रिय हैं। ये गिरोह झारखंड के अलावा, बिहार व बंगाल के रहने वाले हैं। यहां तक की उत्तर प्रदेश के चोर भी इस मेला का लाभ उठाने के लिए पहुंच गए हैं।

जसीडीह आरपीएफ ने सोमवार को चोरी के तीन मोबाइल फोन के साथ एक युवक का पकड़ा। वह उत्तर प्रदेश के लखनउ जिला का रहने वाला है। उसने एक मोबाइल जसीडीह रेलवे स्टेशन से तो दो अन्य बाबा मंदिर परिसर से चोरी किया था।

वहीं मेला में सक्रिय चोरों में काफी संख्या में बच्चे व महिलाएं भी शामिल हैं। इसमें खानाबदोश गिरोह भी शामिल है। महिला व बच्चों का इस्तेमाल इसलिए किया जाना है, क्योंकि ये कांवरियों के भीड़ में घुसकर अपनी हाथ की सफाई दिखाते हैं और इन पर कोई शक भी नहीं करता है।

वहीं इनका नेटवर्क इतना तगड़ा है कि चोरी करने के बाद ये चोरी किया गया सामान अपने अन्य साथियों को थमा देते हैं। ऐसे में पकड़े जाने के बाद कई चोरों को पुलिस ने पकड़ा भी है। वहीं कई को सबूत के अभाव में पुलिस को छोड़ना पड़ जाता है।

इन चोर व पाकेटमार गिरोहों ने पुलिस व कांवरियां दोनों के नाक में दम कर रखा है। यहां पाकुड जिला का एक ऐसा चोर गिरोह भी है जो की चोरी का मोबाइल फोन बंगलादेश भेजने का काम करता है। इनके गांव की सीमा बंगलादेश से सटा हुआ है।

इसका लाभ ये चोर उठाते हैं। हर वर्ष सावन मेला, बसंत पंचमी मेला, शिवरात्री मेला में ये गिरोह अपने हाथ ही सफाई दिखाने के लिए यहां पहुंचता है। सूत्रों की माने तो गिरोह के गांव में बुजुर्ग व बीमार लोगों को छोड़कर सभी लोग मेला में कमाई करने के लिए पहुंच जाते हैं।

ये देवघर ही नहीं अन्य जगहों पर आयोजित होने वाले मेला में भी जाते हैं। मोबाइल चोरी कर उसे सीमा के पार पहुंचा देते हैं। विभिन्न राज्यों में घूम-घूमकर ये लोग चोरी व पाकेटमारी के धंधे को अंजाम देते हैं। दिखाने को ये लोग कारोबार करने के लिए मेला में आते हैं लेकिन असल में इनका धंधा हाथ ही सफाई है।

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