झारखंड में 11 हजार से अधिक एनएचएम कर्मियों को मिलेगा ईपीएफ का लाभ, 3124 करोड़ रुपये स्वीकृत
झारखंड में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा बैठक में 11 हजार से अधिक एनएचएम कर्मियों को ईपीएफ का लाभ देने ...और पढ़ें

अपर मुख्य सचिव ने की राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के कार्यक्रमों की समीक्षा।
राज्य ब्यूरो, रांची। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में बताया गया कि राज्य में 15 हजार रुपये से कम मानदेय पाने वाले कर्मियों के लिए ईपीएफ लागू है, लेकिन 15 हजार रुपये से अधिक मानदेय पाने वाले कर्मी इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं।
इसपर अपर मुख्य सचिव ने संशोधित प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया। उन्होंने 15 हजार रुपये को बेसलाइन मानते हुए अधिक मानदेय पाने वाले कर्मियों को भी ईपीएफ के दायरे में सम्मिलित करने का प्रस्ताव देने को कहा।
प्रस्ताव लागू होने पर राज्य के 11 हजार से अधिक एनएचएम कर्मियों को इसका लाभ मिलने की संभावना है। बैठक में यह भी बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार ने झारखंड को एनएचएम के तहत 3124.75 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव ने गर्भवती महिलाओं को घर से अस्पताल और अस्पताल से घर पहुंचाने वाली ममता वाहन सेवा के वर्तमान भुगतान दर में संशोधन के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।
बैठक में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, गैर संचारी रोग और कुष्ठ रोग नियंत्रण कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। कुष्ठ रोगियों के लिए विशेष चप्पल तैयार कराने तथा दिव्यांगता प्रबंधन की सुविधा को रिम्स के साथ सदर अस्पताल एवं सीएचसी स्तर तक विस्तारित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इसके लिए लेप्रा समिति के साथ एमओयू करने की प्रक्रिया पर भी विचार किया गया।
बैठक में राज्य से जिला स्तर तक एनएचएम में कर्मचारियों के पदों की नई संरचना तैयार करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा सहित विभाग एवं मिशन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
अब तंबाकू नियंत्रण केंद्र सीएचसी स्तर पर, आंखों की जांच भी
स्वास्थ्य सेवाओं को प्रखंड स्तर तक मजबूत करने के लिए अब तंबाकू नियंत्रण केंद्र सीएचसी स्तर पर शुरू किए जाएंगे। अभी ये केंद्र मुख्य रूप से जिला अस्पतालों में संचालित होते हैं।
इसी तरह सीएचसी स्तर पर आंखों की जांच की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। प्रत्येक सीएचसी में आंखों की जांच के लिए मशीन उपलब्ध कराई जाएगी तथा जरूरतमंद मरीजों को चश्मा भी वितरित किया जाएगा।
