मधुपुर (देवघर) : साइबर अपराध में अवैध संपत्ति अर्जित करनेवालों के खिलाफ अब कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है । गुरुवार देर शाम प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रांची की छह सदस्य टीम व साइबर थाना देवघर की संयुक्त टीम ने मधुपुर थाना क्षेत्र के भोक्ताछौराट व मारगोमुंडा थाना क्षेत्र छातापाथर गांव में साइबर आरोपित संतोष यादव के घर एक साथ छापेमारी की। करीब छह घंटे तक चली छापेमारी के दौरान घर में मिले कागजों को खंगाला गया और परिवार के सभी सदस्यों से पूछताछ की गई। इस दौरान उसके आलीशान घर मिला है। जिसे देख टीम चौंक गई। इसी दौरान साइबर डीएसपी नेहा बाला ने साइबर अपराध के मामले में फरार चल रहे संतोष यादव को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से पुलिस ने चार मोबाइल व 17 सिम भी जब्त की। वहीं ईडी विभाग ने आरोपित के दोनों गांव के घरों से कागजात जब्त कर लिया। इधर थाना में मामला दर्ज करने के बाद आरोपित फरार चल रहा था। पुलिस ने दबिश बनाने के लिए कुर्की जब्ती भी की थी। करीब ग्यारह महीना बाद मंगलवार को आरोपित घर आया था। इसकी सूचना पुलिस को मिली। पूछताछ करने के बाद बुधवार को पुलिस ने अनुमंडलीय न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में प्रस्तुत किया। जहां से सुनवाई के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया ।

जानकारी हो कि पिछले साल नवंबर माह में पुलिस ने संतोष यादव के घर से पंद्रह लाख समेत फ्रिज, टीवी, आदि कीमती सामान जब्त की थी। इसके बाद संतोष यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। अंचलाधिकारी से संपत्ति का आकलन करने के बाद ईडी को कार्रवाई के लिए लिखा गया था।

पुलिस ने एक दर्जन गांवों को किया चिन्हित

बैंक अधिकारी बनकर साइबर अपराध करनेवाले ऐसे गांव को पुलिस ने चिन्हित किया है, जहां के कुछ युवक लोगों से ठगी करते हैं। जिसमें पथरोल, दार्वे, रुपाबाद, चरपा, नवाडीह भेड़वा, आमतल्ला भेड़वा, झिलुआ, गौनेया आदि गांव शामिल हैं। इसके अलावा शहर का वह इलाका भी है जहां राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, मुंबई, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्य की पुलिस साइबर अपराधियों की तलाश में पहुंच चुकी है।

डेढ़ साल में मधुपुर थाना में 21 मामले दर्ज, 41 आरोपितों को जेल

पुलिस ने वर्ष 2017 जनवरी से जलाई 2018 तक इस अपराध मामले में करीब 21 मामला दर्ज किया है। तकरीबन 41 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मधुपुर पुलिस ने फर्जी सिम बेचने के मामले में तीन प्राथमिकी की है। इसमें पांच सिम विक्रेता को आरोपित बनाया गया था। फर्जी सिम बेचने की सूचना मिलने पर पुलिस लगातार कार्रवाई हो रही है। वर्जन

साइबर अपराध में संलिप्त संतोष यादव को गुप्त सूचना पर पकड़ा गया। वह काफी दिनों से फरार चल रहा था। गिरफ्तार आरोपित के खिलाफ मारगोमुंडा थाना में हत्या का मामला दर्ज है। वर्ष 2014 से वह इस मामले में फरार चल रहा था । उन्होंने कहा कि इसकी संपत्ति की जांच के लिए ईडी विभाग को लिखा गया था । इसके अलावा अन्य साइबर आरोपित के संपत्ति की जांच सीओ से कराकर ईडी को लिखा गया है।

विनोद कुमार, पुलिस इंस्पेक्टर।

Posted By: Jagran