जागरण संवाददाता, देवघर : देवघर में बीएसएनएल का फाइबर टू होम सर्विस 15 अगस्त तक चालू हो जाएगा। इसकी जानकारी बुधवार को झारखंड के बीएसएनएल सीजीएम केके ठाकुर ने कहा कि बीएसएनएल अपने उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मुहैया कराने को लेकर तत्पर है। केके ठाकुर ने कहा कि फाइबर टू होम सर्विस के जरिए उपभोक्ताओं को हाई स्पीड क्षमता वाले ब्राड बैंड और व्हाइस सर्विस मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए देवघर में दो एजेंसियां स्टाइल लिक और आदित्य केबल के साथ करार किया गया है। सीजीएम ने कहा कि संताल परगना के सभी छह जिलों में बीएसएनएल अपने ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं देने के मद्देनजर थ्री-जी बीटीएस डाटा को अपग्रेड कर फोर-जी के समानांतर सेवा देने की दिशा में काम कर रही है। साहिबगंज व पाकुड़ को छोड़कर चार जिले दुमका, देवघर, गोड्डा एवं जामताड़ा में बीटीएस को अपग्रेड करने का काम पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा ट्रांसमिशन नेटवर्क को दुरुस्त करने के लिए सी-प्लान नेटवर्क विद सीटी पर भी तेजी से काम चल रहा है। पुराने स्वीचों को बदल कर नेक्सट जेनरेशन इंटीग्रेटेड स्वीच लगाने का काम हो रहा है। इसकी वजह से बिजली की खपत कम होगी। कहा कि लैंड लाइन व मोबाइल सेवा की क्वालिटी को ठीक करने पर भी विभाग का ध्यान केंद्रित है। कॉल ड्राप की समस्या को दूर करने के लिए विभागीय अधिकारियों को सतत निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वाई-फाई सर्विस देने का काम पूर्ण : सीजीएम केके ठाकुर ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में एलडब्ल्यूई प्लान के तहत झारखंड में 816 टावर स्थापित किया जा चुके हैं। इसमें 118 टावर संताल परगना में हैं। कहा कि झारखंड सरकार के निर्देश पर इन टावरों के जरिए वाई-फाई सेवा भी शुरु कर दी गई है। सीजीएम ने कहा कि अगले चरण में झारखंड के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 1090 टावर लगाने का प्रस्ताव है, जिस पर दिल्ली में सहमति बन गई है। लेकिन इस टावर को लगाने वाली एजेंसी का नाम तय होना शेष है। यह काम टेंडर आमंत्रित कर किया जाना है। कस्टमर ग्रोथ ठीक पर टैरिफ रेट में कमी से मिल रही चुनौतियां : बाजार में निजी कंपनियों से मिल रही चुनौतियों के सवाल पर सीजीएम केके ठाकुर ने कहा कि बीएसएनएल का कस्टमर ग्रोथ ठीक है लेकिन इससे इंकार नहीं है कि टैरिफ रेट में कमी के कारण चुनौतियां मिल रही हैं। इससे उबरने के लिए बीएसएनएल लगातार प्लानिग के तहत कार्य कर रही है। उपभोक्ताओं के बीच अपनी पैठ को बनाए रखने के लिए बीएसएनएल आर्थिक संकटों से उबरने पर भी गंभीरता से पहल कर रही है। वित्तीय संकट को खत्म करने के लिए बीएसएनएल अपनी उन परिसंपत्तियों को मोनेटाइजेशन के जरिए आमदनी का जरिया बनाने पर विचार कर रही है जो बीएसएनएल के लिए अनुपयोगी है। झारखंड में ऐसी दो परिसंपत्तियों का ब्यौरा भी संबंधित उच्चाधिकारियों को भेजा गया है। इसमें एक रांची में 84 एकड़ भू-भाग में फैला ट्रेनिग सेंटर है, जबकि दूसरा रांची में ही पीएनटी कालोनी है। इसके अलावा बीएसएनएल की आंतरिक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए फोर-जी स्पेक्ट्रम क्रय के लिए 74 हजार करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। सिस्टम को इंप्रूव करने की दिशा में भी कई प्रस्ताव दिए गए हैं। बीएसएनएल कर्मियों की संख्या को कम किए जाने का भी प्रस्ताव है और इसके लिए वीआरएस और सेवानिवृत होने के उम्र में कमी लाने पर विचार किया जा रहा है। सीजीएम केके ठाकुर ने कहा कि उम्मीद है कि आने वाले दिनों में बीएसएनएल के सुनहरे दिन वापस लौट आएंगे। कांवरियों की सुविधा पर विशेष ध्यान : श्रावणी माह में देवघर आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बीएसएनएल की ओर से मेला प्रेक्षत्र में 36 टावर लगाए गए हैं। इसके अलावा बाबा मंदिर एवं इसके आसपास पांच स्थलों पर सीटी वाई-फाई की सुविधा दी गई है।

कहा कि मेला के दौरान कांवरियों को कोई असुविधा नहीं हो इस पर खास ध्यान देने की हिदायत अधिकारियों को दी गई है। कहा कि कावंरियों की सेवा के लिए टावर चौक के निकट सेवा शिविर की शुरुआत बुधवार से उनके द्वारा किया गया है। कांवरियां यहां से विभिन्न सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। इस मौके पर टीडीएम केके सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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