संवाद सहयोगी, जसीडीह (देवघर) : जसीडीह स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) में नामांकन प्रक्रिया के दौरान मंगलवार को छात्रों ने जमकर हंगामा किया। इस क्रम में उग्र छात्रों ने संस्थान का घेराव कर कार्यालय में तोड़फोड़ की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्रों को खदेड़ने के लिए बल प्रयाग किया। इस दौरान मची भगदड़ में कई छात्र चोटिल हो गए। अभ्यर्थियों का कहना था कि सरकारी नियमानुसार नामांकन नहीं हो रहा है। फिलहाल प्रशासन ने नामांकन पर रोक लगा दी है।

मधुपुर आइटीआइ में नामांकन के लिए काउंसलिंग में भाग लेने सैकड़ों छात्र पहुंचे थे, लेकिन नियमावली में फेरबदल के कारण वे आक्रोशित हो गए। छात्रों का कहना था कि आरक्षण रोस्टर के हिसाब से 102 सामान्य छात्रों का नामांकन होना था। मगर, संस्थान ने जो मेरिट लिस्ट के आधार पर सूची की इसमें सामान्य वर्ग के सभी छात्र नामांकन से वंचित हो गए। छात्रों ने आरोप लगाया कि नामांकन प्रक्रिया में संस्थान के कर्मियों ने काफी गड़बड़ी की है। यह सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है। सामान्य कोटि के कई छात्रों को बेहतर अंक के बावजूद अच्छा ट्रेड नहीं मिल पाया। इधर, हंगामें की सूचना मिलते ही एडीएम इंदु रानी, प्रभारी अनुमंडलाधिकारी फिल बियूस बारला, जसीडीह इंस्पेक्टर डीएन आजाद, एएसआइ गगन मित्रों, आरसी चौधरी पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे। गुस्साए छात्रों को समझाने का प्रयास किया फिर भी वे नहीं मानें। पुलिस की मानें तो छात्र पुलिसकर्मियों से भिड़ गए। इसके बाद बल प्रयोग करना पड़ा। अधिकारियों ने संस्थान की नामांकन सूची मांगकर जांच की और अगले आदेश तक मधुपुर और देवघर महिला आइटीआइ में नामांकन पर रोक लगा दी। जिला प्रशासन के आदेश के बाद नामांकन सूची जारी की जाएगी। संस्थान के प्राचार्य जयकांत प्रसाद ¨सह ने बताया कि नियमानुसार नामांकन लिया जा रहा है।

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Posted By: Jagran