देवघर : देश में सबसे सशक्त सरकार गांव की सरकार होती है। इसी को ध्यान में रखकर सरकार इसे धीरे धीरे सारे अधिकार सौप रही है। लेकिन उसे यह अधिकार देने से पहले सशक्त बनाना चाहती है। निकट भविष्य में होने वाले जलसंकट को देखते हुए एक कार्यशाला का आयोजन पंचायत प्रशिक्षण संस्थान जसीडीह में सोमवार को किया गया। इसमें देवघर के 194 पंचायत के अमूमन सभी मुखिया मौजूद थे। जिनको चौदहवें वित्त आयोग एवं पंचायती राज से अवगत कराया गया।

बतौर मुख्य अतिथि डीडीसी सुशांत गौरव ने पंचायत प्रतिनिधि मुखिया से कहा कि वह एक एक स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्र को गोद लेकर उसे आदर्श बनाएं। कल मुखिया रहें ना रहें लेकिन समाज के लिए किया हुआ कार्य हमेशा याद रहे। समाज में जब बदलाव दिखेगा तो तसल्ली होगी और गर्व भी महसूस करेंगे।

डीडीसी ने कहा कि गर्मी के समय में आने वाली समस्या को देखते हुए जल्द ही बीडीओ के साथ बैठक कर प्रखंड कार्यकारिणी में चापाकल मरम्मत की सूची बनाकर जिला को भेज दें ताकि यथाशीघ्र सामग्री भेजी जा सके। कहा कि आने वाले समय में चौदहवें वित्त आयोग की राशि सीधे पंचायत में जाएगी। ऐसे में अभी से अपने अधिकार व क‌र्त्तव्यों को समझें। लेकिन इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि राशि का दुरूपयोग नहीं हो। अक्सर कहा जाता है कि प्रशासन सख्ती बरतती है, लेकिन ऐसा अनुशासन बनाए रखने के लिए किया जाता है। लक्ष्य हासिल करने व सरकार के निर्देश का पालन करने हेतु कड़े कदम उठाने होते हैं, लेकिन इसका कदापि मतलब नहीं कि प्रशासन सहयोग नहीं करता। चापाकल मरम्मत की सूची समय से भेजने के साथ बेहतर प्ला¨नग करने वालों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। पहले भी किया गया है। हौसलाआफजाई करते कहा कि विकास की भूमिका में मुखिया हैं। इसलिए अपनी क्षमता को समझना होगा।

जिला पंचायती राज पदाधिकारी प्रवीण प्रकाश ने कहा कि देश की वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था में सबसे सशक्त अधिकार मुखिया के पास है। जो योजना बनाने उसे सरजमीन पर उतारने के साथ साथ भुगतान का भी अधिकार रखती है। सबसे स्थायी सभा ग्राम सभा है जो हमेशा कार्यरत होती है। ग्राम सभा को इतना अधिकार है कि वह बहुमत पारित कर पंचायत प्रतिनिधि को वापस बुला सकती है। सो, कार्य करने का पूरा आधार है, ऐसे में जल संकट से निपटने के लिए चापाकल मरम्मत पर विशेष कार्य करने की जरूरत है। पंचायत निधि का इसमें इस्तेमाल करना चाहिए, जो जनहित में आवश्यक है। मुखिया बबलू पासवान ने पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं को रेखांकित किया और कहा कि चापाकल मरम्मत का मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहयोग चाहिए क्योंकि इसमें वह अधूरे हैं। इसलिए विभाग कार्य करा ले वह इस मद की राशि विभाग को भेज देंगे। पंचायत स्तर से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था शीघ्र हो। प्रमाण पत्र जारी होने से मुख्यमंत्री कन्यादान योजना अपने लक्ष्य को पाने में सफल होगी। कहा कि मुखिया को जान बूझकर आरोप के दायरे में लाया जाता है। मुख्यमंत्री भी बार बार कहते हैं कि जेल भेज दिया जाएगा। प्रशासन व शासन से अनुरोध है कि वह भयमुक्त वातावरण में पंचायत प्रतिनिधि को काम करने दें। शक की नजर से नहीं देखें, क्योंकि उनके कारण ही गांव का विकास हो रहा है। सहायक निदेशक पंचायती राज रामेश्वर ¨सह ने पंचायतों में विकास राशि खर्च नहीं होने की बातों को प्रमुखता से रखा और कुछ पंचायतों को चिन्हित भी किया। स्वच्छता मिशन के जिला समन्वयक सुजीत त्रिवेदी ने चापाकल मरम्मत पर विभाग की योजनाओं को रखा और कहा कि कनीय अभियंता एवं प्रखंड नोडल पदाधिकारी को इसके लिए जिम्मेवार बनाया गया है। मरम्मत की राशि का भुगतान 48 घंटा में होगा, अन्यथा विभागीय कार्रवाई का प्रावधान है। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की ओर से प्रकाशित अपना हैंड पंप आप ही संभालें पुस्तक का लोकार्पण भी अतिथियों द्वारा किया गया। कुछ पंचायत प्रतिनिधियों को उनके द्वारा किए गए बेहतर कार्य के लिए सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री आवास हेतु वीरेंद्र यादव, मनरेगा में ज्यादा मानव सृजन को लेकर नरेश यादव, स्वच्छता मिशन में बलराम मंडल एवं एम खातून शामिल हैं।

सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार, निदेशक इंदु रानी, कार्यपालक अभियंता राजीव रंजन, डीपीओ राजीव रंजन सिन्हा, परियोजना निदेशक विश्वंभर पटेल समेत अन्य मुख्य रूप से थे।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस