यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 20, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
सर, पढ़ने बैठते हैं तो हो जाती बिजली गुल
देवघर : दैनिक जागरण के बाल संवाद कार्यक्रम में बुधवार को भारती विद्यापीठ के छात्रों ने विद्युत डिवीज

देवघर : दैनिक जागरण के बाल संवाद कार्यक्रम में बुधवार को भारती विद्यापीठ के छात्रों ने विद्युत डिवीजन देवघर के कार्यपालक अभियंता रामजन्म यादव से कई तीखे सवाल दागे। सवालों का बड़ी की सहजता से श्री यादव ने जवाब दिया। हालांकि उस समय थोड़ी देर के लिए वह असहज हुए जब विद्यालय की एक छात्रा ने पूछा कि ऐसा क्यों होता है सर, कि जैसे की पढ़ने बैठते हैं, बिजली गुल हो जाती है? हंसते हुए कार्यपालक अभियंता ने कहा कि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो सफलता के मार्ग में कोई अड़चन बाधा नहीं बन सकती। लालटेन की रोशनी में भी पढ़ाई हो सकती है, मैने व आपके पिताजी ने भी ऐसा ही किया है।
सवाल : अक्सर बिजली बिल ज्यादा क्यों आता है?
अपर्णा झा
जवाब : आज के समय में हाथ से कुछ नहीं हो रहा है, सबकुछ कंप्यूटराज्ड हो गया है। तकनीकी गड़बड़ी के कारण ऐसा होता है। खासतौर से इलेक्ट्रानिक मीटर में कभी-कभी यह दिक्कत होती है, लेकिन इसे सुधार दिया जाता है।
सवाल : सावन की तरह और महीनों में बिजली क्यों नहीं रहती?
प्रिया
जवाब : बिजली की जरूरत के अनुरूप उत्पादन नहीं हो रहा है। देवघर में सावन के महत्व को देखते हुए और जगहों से कटौती कर बिजली दी जाती है। अन्य महीनों में जितनी बिजली उपलब्ध रहती है उतनी आपूर्ति करते हैं।
सवाल : आज इंजीनियर पोल पर क्यों नहीं चढ़ते?
अंकित राज
जवाब : पोल पर चढ़ने में मिस्त्री ट्रेंड होते हैं। इंजीनियर पहले भी पोल पर नहीं चढ़ते थे, हां जरूरत पड़ने पर इंजीनियर भी पोल पर चढ़ते हैं।
सवाल : क्या आप अपने मुकाम से संतुष्ट हैं?
उज्जवल कुमार
जवाब : संतुष्टि आदमी के अंदर होती है। जो भी काम मिले उसे मन लगाकर करना चाहिए। जैसा जो कर्म करता है, उसके हिसाब से मुकाम हासिल होता है। सपने सबको देखना चाहिए, लेकिन इसे मेहनत से ही पूरा किया जा सकता है।
सवाल : शिकायत करने का प्रावधान क्या है?
श्वेता कुमारी
जवाब : विपत्र संबंधी गड़बड़ी के लिए लिखित रूप से शिकायत की जाती है। तकनीकी गड़बड़ी के लिए कर्मी मौजूद रहते हैं। आज भी 40 साल पहलेवाली व्यवस्था है। कर्मी रिटायर हो रहे हैं और उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ रही है, इसलिए थोड़ी परेशानी उपभोक्ताओं को हो रही है। हर शिकायत का तुरंत निपटारा हो, इसकी व्यवस्था की जा रही है।
सवाल : बिजली चोरी रोकने के लिए क्या हो रहा है?
अलका
जवाब : बिजली चोरी करते हुए पकड़े जाने पर केस व जुर्माना करते हैं। जब तक लोग जागरूक नहीं होंगे और बिजली चोरी के दुष्परिणाम को नहीं समझेंगे तब तक पूरी तरह से इस पर अंकुश लगाना थोड़ा मुश्किल है।
सवाल : केबल पंक्चर क्यों होता है? अनामिका
जवाब : एक साथ तीन-चार केबल होते हैं। यह सटे नहीं इसके लिए इंसुलेटर लगाया जाता है। लेकिन जब कभी तार सट जाते हैं और गड़बड़ी होती है, इसे केबल पंक्चर कहते हैं।
सवाल : स्ट्रीट लाइट दिन में भी जलते रहता है, यह दुरुपयोग नहीं है?
निखिल सिन्हा
सवाल : पूरी तरह से बिजली का दुरुपयोग है। स्ट्रीट लाइट नगर निगम के जिम्मे है और इसे बुझाने का काम निगमकर्मियों का है। अगर ऐसा हो रहा है तो इसका मतलब लापरवाही हो रही है और बिजली का दुरुपयोग किया जा रहा है।
सवाल : जीवन के आधार पर छात्रों के लिए क्या सीख है?
वाटिका
जवाब : हर छात्र अपना लक्ष्य निर्धारित करे और केवल पढ़ाई व खेलकूद करें। सफलता व असफलता पर ध्यान दिए बगैर पूरी लगन व इमानदारी से मेहनत करें।
सवाल : लाइन लॉस क्या है?
रश्मि
जवाब : एक रुपये की बिजली खरीदकर आपूर्ति करते हैं, उसमें केवल 60 पैसा मिलता है तो 40 पैसा लाइन लॉस में चला गया। तकनीक भाषा में एक प्वाइंट से दूसरे प्वाइंट तक जाने में बिजली में जो कमी होती है, वही लॉस है।
सवाल : देवघर में बिजली कहां से आती है?
निवेदिता नमन
जवाब : कुछ कंपनियां बिजली बनाती हैं। देवघर में एनटीपीसी व डीवीसी द्वारा फरक्का व मैथन से बिजली दी जाती है।
सवाल : ट्रांसफार्मर बदलने में विलंब क्यों होता है?
निशा
जवाब : शहरी क्षेत्र में ट्रांसफार्मर खराब होने के 24 घंटे में जबकि ग्रामीण क्षेत्र में चार दिन में बदल देना है। ट्रांसफार्मर जैसे-जैसे उपलब्ध होता है, उसके अनुरूप बदला जाता है।