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मनरेगा की जगह वीबी जी रामजी योजना आज से लागू, चतरा में 318 योजनाएं लिस्टेड

Published: Wed, 01 Jul 2026 05:24 PM (IST)

चतरा में मनरेगा की तर्ज पर वीवी रामजी योजना शुरू की गई है, जिसका लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना का विकास करना है।

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

HighLights

  1. मनरेगा की जगह वीवी रामजी योजना चतरा में शुरू।

  2. ग्रामीण मजदूरों को 125 दिन का रोजगार मिलेगा।

  3. योजना से गांवों में स्थायी परिसंपत्तियां बनेंगी।

जागरण संवाददाता, चतरा। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आधारभूत संरचना के विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से सरकार ने मनरेगा की तर्ज पर वीवी रामजी योजना की शुरुआत कर दी है। इसके साथ ही मनरेगा की जगह अब वीवी रामजी योजना के तहत कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

योजना के पहले चरण में जिले की विभिन्न पंचायतों से 318 योजनाएं सूचीबद्ध की गई हैं। इनके लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया तेज कर दी गई है। नई योजना के तहत ग्रामीण मजदूरों को वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

इससे खेतिहर मजदूरों, भूमिहीन परिवारों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को स्थानीय स्तर पर अधिक दिनों तक काम मिलने की उम्मीद बढ़ी है। अधिकारियों का कहना है कि योजना का उद्देश्य केवल मजदूरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण भी है।

वीबी-रामजी योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, तालाब निर्माण, खेत समतलीकरण, सिंचाई सुविधा, ग्रामीण सड़क, नाली, पौधारोपण तथा अन्य जनोपयोगी कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। पंचायत स्तर पर योजनाओं का चयन कर उन्हें स्वीकृति के लिए भेजा जा रहा है। स्वीकृति मिलने के बाद चरणबद्ध तरीके से कार्य प्रारंभ किए जाएंगे।

ग्रामीण विकास के अधिकारियों का मानना है कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और मजदूरों का दूसरे राज्यों की ओर पलायन कम होगा। साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति मिलेगी।

जिला प्रशासन ने सभी पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को समय पर योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। मजदूरों का पंजीकरण, कार्यस्थल पर आवश्यक सुविधाएं तथा समय पर मजदूरी भुगतान पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

उम्मीद जताई जा रही है कि वीवी रामजी योजना ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी तथा गांवों के समग्र विकास को नई रफ्तार मिलेगी। मनरेगा की पुरानी योजनाओं का क्रियान्वयन बंद नहीं होगा। योजना पूरी होने के बाद ही उसे बंद किया जाएगा।

नए साफ्टवेयर में हो रही इंट्री

वीबी रामजी योजना के लिए नया साफ्टवेयर बनाया गया है। योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित सारी जानकारियां उसी साफ्टवेयर में इंट्री होगी। अधिकारियों ने बताया कि निबंधित जाब कार्डधारियों की उपस्थिति से लेकर मस्टर रोल, योजनाओं की स्थिति आदि सारी जानकारियां उपलब्ध रहेगी। उन्होंने बताया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में शत-प्रतिशत पारदर्शिता लाने के लिए वीवी रामजी लाया गया है।

मजदूरी दर में कोई बदलाव नहीं

वीबी रामजी के तहत मजदूरों को साल में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी है। मनरेगा में यह व्यवस्था सौ दिनों की थी। मजदूरी में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। मनरेगा की तरह ही एक मजदूर को एक दिन में 282 रुपये का भुगतान किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया यथावत है। उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि वीबी रामजी का साफ्टवेयर में एक जुलाई से कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। मजदूरी दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मनरेगा वाला ही दर मजदूरों को भुगतान किया जाएगा।

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