उग्रवादी संगठन TSPC का सुप्रीमो बृजेश गंझू ढेर, वाराणसी में उत्तर प्रदेश ATS की बड़ी कार्रवाई
प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी का सुप्रीमो बृजेश गंझू उत्तर प्रदेश एटीएस के साथ वाराणसी में हुई मुठभेड़ में मारा गया।
-1789874438286_m.webp)
दुलारचंद गंझू और एटीएस। फोटो जागरण
HighLights
टीएसपीसी सुप्रीमो बृजेश गंझू वाराणसी में एटीएस मुठभेड़ में ढेर।
उस पर झारखंड सरकार और एनआईए का 30 लाख इनाम था।
बृजेश गंझू झारखंड में 100 से अधिक मामलों में वांछित था।
जुलकर नैन, चतरा। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) के सुप्रीमो बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता उर्फ सरदार उर्फ दुलारचंद गंझू उर्फ रंजन उर्फ फुलचंद गंझू को उत्तर प्रदेश एटीएस ने मुठभेड़ में मार गिराया। मुठभेड़ रविवार की सुबह करीब पांच बजे वाराणसी के रामनगर थाना क्षेत्र में हुई।
बृजेश गंझू चतरा जिले के लावालौंग प्रखंड के लुटू सोहावन गांव निवासी स्वर्गीय पच्चु गंझू का पुत्र था। वह लंबे समय से भूमिगत रहकर उग्रवादी गतिविधियों में सक्रिय बताया जा रहा था। उस पर झारखंड सरकार और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से कुल 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यूपी एटीएस के डिप्टी एसपी विपिन राय को सूचना मिली थी कि झारखंड का वांटेड उग्रवादी बृजेश गंझू रामनगर थाना क्षेत्र में लंका मैदान के समीप टेंगरा मोड़ से मुगलसराय की ओर जाने वाले मार्ग से गुजरने वाला है।
दोनों तरफ से हुई गोलीबारी
सूचना के आधार पर एटीएस की टीम ने रविवार तड़के करीब पांच बजे इलाके की घेराबंदी कर दी। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति मोटरसाइकिल से वहां पहुंचा। एटीएस टीम ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस के अनुसार उसने अचानक टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।
उग्रवादी की ओर से फायरिंग किए जाने के बाद एटीएस की टीम ने जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से हुई गोलीबारी में बृजेश गंझू को गोली लगी और वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। एटीएस की टीम उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जांच के बाद मृतक की पहचान चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के लुटू निवासी बृजेश गंझू उर्फ गोपाल सिंह भोक्ता के रूप में हुई। मुठभेड़ के दौरान उग्रवादी की ओर से चलाई गई गोलियां एटीएस के डिप्टी एसपी विपिन राय और हेड कांस्टेबल नितेंद्र कृष्ण को भी लगीं।
दोनों पुलिसकर्मी बुलेटप्रूफ जैकेट पहने हुए थे, जिससे उन्हें गंभीर चोट नहीं आई। घटना के बाद एहतियात के तौर पर दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है।
NIA का मोस्ट वांटेड था गंझू
बृजेश गंझू लंबे समय से झारखंड पुलिस और एनआईए की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। उसके खिलाफ झारखंड में कई उग्रवादी घटनाओं से जुड़े मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। उस पर झारखंड सरकार ने 25 लाख रुपये और एनआईए ने पांच लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
वाराणसी में मुठभेड़ में उसकी मौत की सूचना के बाद झारखंड की सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय हो गई हैं। स्थानीय पुलिस और एटीएस की टीम मामले की आगे की जांच और विधिक कार्रवाई में जुटी है। उसके खिलाफ चतरा, लातेहार, रांची, हजारीबाग सहित विभिन्न जिलों में सौ से अधिक मामले दर्ज होंगे।
