विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

एक दशक का इंतजार खत्म, अब चमातू से दौड़ेगा मगध-संघमित्रा परियोजना का कामकाज

Published: Tue, 27 Oct 2026 05:15 PM (IST)

मगध कोल परियोजना का प्रशासनिक कार्य अब बचरा के बजाय लातेहार के चमातू से संचालित होगा। सीसीएल के नवनिर्मित महाप्रबंधक ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

संवाद सूत्र, टंडवा (चतरा)। करीब एक दशक का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। मगध कोल परियोजना की प्रशासनिक गतिविधियां अब बचरा के बजाय चमातू से संचालित होंगी।

लातेहार जिले के चमातू में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के नवनिर्मित महाप्रबंधक कार्यालय का निर्माण पूरा हो चुका है। सोमवार को महाप्रबंधक राजीव सिंह ने पूजा-अर्चना कर नए कार्यालय में कामकाज शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। कार्यालय का विधिवत उद्घाटन 28 अक्टूबर को प्रस्तावित है।

नए प्रशासनिक केंद्र के शुरू होने से मगध कोल परियोजना के साथ भविष्य में विकसित होने वाली संघमित्रा कोल परियोजना की गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

परियोजना क्षेत्र में ही महाप्रबंधक कार्यालय स्थापित होने से अधिकारियों की उपलब्धता, विभागीय समन्वय और प्रशासनिक कार्यों के निष्पादन में तेजी आने की संभावना है।

दस साल बाद बदलेगी व्यवस्था

मगध कोल परियोजना का संचालन वर्ष 2015 में शुरू हुआ था। इसके बाद से परियोजना से जुड़े कई प्रशासनिक और कार्यालयीन कार्यों के लिए बचरा पर निर्भरता बनी हुई थी।

अब चमातू में अपना प्रशासनिक केंद्र मिलने से व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद है। इससे कोयला उत्पादन, परिवहन, सुरक्षा, सिविल निर्माण और प्रबंधन से संबंधित कार्यों के बेहतर समन्वय में मदद मिलेगी। स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया भी तेज हो सकती है।

एक परिसर में मिलेंगी कई सुविधाएं

नवनिर्मित कार्यालय परिसर में मुख्य कार्यालय के अलावा कैंटीन, टाउन एंड एडमिनिस्ट्रेशन, व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र (वीटीसी), सुरक्षा कार्यालय, साइट कार्यालय और सिलाई केंद्र के लिए भवन बनाए गए हैं।

एक ही परिसर में विभिन्न विभागों की व्यवस्था होने से कामकाज और प्रशिक्षण संबंधी गतिविधियों के संचालन में सहूलियत मिलेगी।

एनबीसीसी की देखरेख में हुआ निर्माण

कार्यालय भवन का निर्माण एनबीसीसी की देखरेख में रामकृपाल कंस्ट्रक्शन कंपनी ने पूरा किया है। सोमवार को पूजा-अर्चना के बाद भवन सीसीएल प्रबंधन को सौंप दिया गया।

इस मौके पर सीसीएल के महाप्रबंधक राजीव सिंह, परियोजना पदाधिकारी राकेश कुमार, गौरव कुमार तिवारी, एनबीसीसी के डीजीएम अभिनंदन कुमार सिंह, एजीएम शैलेश कुमार, ऋषि प्रियदर्शी तथा निर्माण कंपनी के निदेशक रंजन कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

अब 28 अक्टूबर को प्रस्तावित उद्घाटन के बाद कार्यालय के नियमित संचालन पर निगाहें टिकी हैं। नए प्रशासनिक केंद्र की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इससे मगध-संघमित्रा परियोजना के कामकाज में कितनी तेजी आती है।

यह भी पढ़ें- झारखंड में अब आसमान से होगी अवैध शराब के कारोबार की निगरानी, ड्रोन से पकड़े जाएंगे माफिया

यह भी पढ़ें- करना चाहते हैं कानून की पढ़ाई, 31 अक्टूबर से पहले करें CLAT 2027 के लिए अप्लाई; 6 दिसंबर को एग्जाम