चतरा, जासं। Jharkhand State Child Rights Protection Commission Constituted झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग का गठन कर दिया गया है। सरकार के सचिव कृपा नंदन झा ने 28 नवंबर को अधिसूचना जारी कर दिया। नवगठित कमेटी में अध्यक्ष के अलावा छह सदस्य शामिल हैं। सदस्यों में स्थानीय लाइन मोहल्ला, रहमत चौक निवासी मिन्हाजुल हक का भी नाम शामिल है। 

बता दें कि आयोग की अध्यक्ष जमशेदपुर की काजल यादव को बनाया गया है। वहीं अन्य सदस्यों में चाईबासा के विकास दोडराजका, रांची के उज्ज्वल प्रकाश तिवारी, धनबाद के सुनील कुमार वर्मा, हजारीबाग की रूचि तथा धनबाद की आभा वीरेंद्र किंचन शामिल हैं।

मिन्हाजुल हक को लोगों ने दी शुभकामनाएं

मिन्हाजुल हक को आयोग के सदस्य बनाए जाने पर ईष्ट-मित्रों ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। आयोग के बुलावे पर वे रांची रवाना हो गए हैं। ऐसी संभावना है कि नवगठित आयोग की अध्यक्ष व सदस्य बुधवार को योगदान देंगे। मिन्हाजुल हक सामाजिक एवं शैक्षणिक क्षेत्रों में लंबे समय सक्रिय भूमिका में रहे हैं। 

मिन्हाजुल हक का अब तक का कैसा रहा सफर

मिन्हाजुल हक वर्ष 2000 से 2010 तक केंद्र मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा संचालित एमआर कंप्यूटर सेंटर में सुपरवाइजर सह सीनियर फैकल्टी के पद पर आसीन रहे। वर्ष 2010 से लेकर 2013 तक जिला स्तरीय बाल कल्याण समिति के सदस्य, 2013 से 2016 तक जिला स्तरीय बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष के पद का दायित्व निभाएं है। उसके बाद में मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी अध्ययन केंद्र के जिला समन्वयक के पद पर रहे। अब इन्हें झारखंड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

मिन्हाजुल हक ने क्या कहा

मिन्हाजुल हक ने बताया कि अध्यक्ष व सभी सदस्यों को 29 नवंबर को रांची बुलाया गया। संभावना है कि 30 नवंबर को नवगठित आयोग की अध्यक्ष व सभी सदस्य योगदान देंगे।

Edited By: Sanjay Kumar

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