संवाद सूत्र, टंडवा(चतरा): सीसीएल स्थित मगध संघमित्रा के मासिलौंग मैदान में मंगलवार को रैयत विस्थापित मोर्चा ने 11वीं स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम के बतौर मुख्य अतिथि रैयत विस्थापित मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष फागु बेसरा उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत झारखंड आंदोलनकारी व शहीदों को नमन कर व पुष्प अर्पित कर की गई। कार्यक्रम में मासिलौंग गांव के साथ साथ विभिन्न कंपनियों सीसीएल, एनटीपीसी, टाटा ,जिदल, बीसीसीएल से जुड़े हजारों विस्थापित शामिल हुए। अपने हक व अधिकार के लिए आवाज बुलंद किया। सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि फागु बेसरा ने कहा कि पूरे देश में विकास के नाम पर सरकारी व निजी कंपनियां किसानों व आम ग्रामीणों का दोहन व शोषण आजादी के पूर्व से हो रहा है। आजाद भारत में भी कंपनी प्रबंधनो द्वारा किसानों की जमीन ओने पौने दाम में खरीद रही है। केंद्र सरकार व राज्य सरकारें मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में 67 लाख लोग विस्थापित व बेघर हुए हैं। सबसे अधिक झारखंड में 23 लाख सरकारी आंकड़े बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 53 लाख एकड़ गैरमौजरूआ भूमि भी अधिग्रहित की गई है। जिसका आज तक किसानों को नौकरी मुआवजा नही मिल पाया है। कंपनी प्रबंधन व सरकारे गैरमजरूआ भूमि की मुआवजे भुगतान में अड़ंगा डाल रखी है। यह एक बहुत बड़ा विस्थापित मुद्दा है। उन्होंने रैयतों के हित में जल्द आंदोलन की चेतावनी दिया। कार्यक्रम को उपाध्यक्ष राजकुमार महतो, एतो बास्के, हीरालाल मांझी सोनाराम मांझी, विजय हेंब्रम, जयनाथ महतो, बिगन सिंह भोक्ता, रामचंद्र राम, इकबाल हुसैन आदि ने भी संबोधित किया।

Edited By: Jagran