झारखंड के चतरा में सीआईएसएफ-सीसीएल की बड़ी कार्रवाई, 250 टन कोयला और 5 हाइवा जब्त
सीआईएसएफ और सीसीएल ने चतरा के मगध परियोजना क्षेत्र में कोयला चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान पांच ...और पढ़ें

झारखंड के चतरा में सीआईएसएफ-सीसीएल की बड़ी कार्रवाई, 250 टन कोयला और 5 हाइवा जब्त
HighLights
सीआईएसएफ-सीसीएल ने चतरा के ओझाटांड में कोयला चोरी पर कार्रवाई की।
अवैध रूप से डंप किया गया लगभग 250 टन कोयला बरामद किया गया।
पांच हाइवा जब्त कर बालूमाथ थाने को कानूनी कार्रवाई हेतु सौंपे गए।
संवाद सूत्र, टंडवा (चतरा)। मगध परियोजना क्षेत्र के ओझाटांड नामक स्थान पर सोमवार को सीआईएसएफ और सीसीएल की संयुक्त टीम ने कोयला चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान पांच हाइवा जब्त किए गए और जंगल क्षेत्र में अवैध रूप से डंप किया गया करीब 250 टन कोयला बरामद किया गया।
इनमें जेएच 02 बीवी 6016 और जेएच 02 बीटी 2432 नंबर के वाहन शामिल हैं, जबकि तीन वाहन बिना नंबर प्लेट के पाए गए। जानकारी के अनुसार, टीम को सूचना मिली थी कि रात के समय कोयला डंप से चोरी कर हाइवा के माध्यम से उसे जंगल में ले जाकर छिपाया जा रहा है।
कार्रवाई के दौरान सीआईएसएफ जवानों को देखते ही हाइवा चालक मौके से फरार हो गए। कठिन भौगोलिक स्थिति के कारण वाहनों को वहां से निकालना भी मुश्किल था। टीम ने पांचों हाइवा जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए उन्हें बालूमाथ थाने को सौंप दिया है। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
यह कार्रवाई कमांडेंट अमित कुमार के मार्गदर्शन तथा सहायक कमांडेंट सुभाष कुमार व हर्षा लवानिया के नेतृत्व में की गई, जिसमें उप-निरीक्षक हलदर और अभिषेक की भी सहभागिता रही। इस अभियान में एनके पिपरवार की ओर से भी सहयोग और समन्वय प्राप्त हुआ।
बताया गया कि सीआईएसएफ यूनिट सीसीएल मगध एवं आम्रपाली का औपचारिक गठन 19 सितंबर 2026 को हुआ था। इसके बाद से यह इसकी दूसरी बड़ी कार्रवाई है।
सीआईएसएफ का उद्देश्य कोयला चोरी, पिल्फरेज (सेंधमारी) और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए 'जीरो कोल लीकेज' के लक्ष्य को मजबूत करना है।
