चतरा के कौलेश्वरी पर्वत का एक करोड़ से होगा विद्युतीकरण, रात के समय भी आसान होगा श्रद्धालुओं का सफर
चतरा के विश्व प्रसिद्ध कौलेश्वरी पर्वत पर झारखंड बिजली वितरण निगम द्वारा एक करोड़ रुपये की लागत से विद्युतीकरण किया ...और पढ़ें

कौलेश्वरी पर्वत पर विद्युतीकरण के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम ने एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है।
HighLights
कौलेश्वरी पर्वत का एक करोड़ रुपये की लागत से होगा विद्युतीकरण।
रात में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवागमन होगा आसान।
सुरक्षा बढ़ेगी, पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा।
जुलकर नैन, चतरा। विश्व प्रसिद्ध कौलेश्वरी पर्वत को अब बिजली की रोशनी से रोशन करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण इस स्थल पर विद्युतीकरण के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम ने एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की है।
इस योजना के धरातल पर उतरते ही कौलेश्वरी पर्वत क्षेत्र में निर्बाध बिजली की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सहूलियत मिलेगी।
कौलेश्वरी पर्वत पर पूरे वर्ष श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है। विशेष पर्व-त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां भारी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
हालांकि, वर्तमान में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था न होने के कारण शाम ढलते ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विद्युतीकरण होने से इस पुरानी समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।
कौलेश्वरी पर्वत को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में लंबे समय से प्रयास किए जा रहे हैं। बिजली पहुंचने से न केवल बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त होगा।
बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और रात्रिकालीन आवागमन भी काफी सुगम हो जाएगा। प्रकाश व्यवस्था बेहतर होने से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
बिजली निगम द्वारा तैयार की गई इस योजना पर लगभग एक करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। दुर्गम और पर्वतीय क्षेत्र होने के कारण पोल गाड़ने, लाइन विस्तार करने और अन्य तकनीकी कार्यों को विशेष सुरक्षा और निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा किया जाएगा।
उपायुक्त के निर्देश पर कौलेश्वरी पर्वत के विद्युतीकरण का प्लान तैयार किया गया है। इस परियोजना पर करीब एक करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। विभागीय स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। विद्युतीकरण पूरा होने से पर्वत पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
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राकेश कुमार सिंह, कार्यपालक अभियंता, जेबीवीएनएल, चतरा
