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चतरा में प्रदूषण जांच की व्यवस्था नहीं, फिर भी कट रहा 1000 रुपये का चालान; वाहन मालिक परेशान

Published: Mon, 02 Nov 2026 08:19 PM (IST)

चतरा जिले में वाहन प्रदूषण जांच (PUC) की सुविधा न होने के बावजूद परिवहन विभाग ₹1000 का चालान काट रहा ...और पढ़ें

परिवहन विभाग की ओर से प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं रहने पर वाहन मालिकों का एक हजार रुपये का चालान काटा जा रहा है।

परिवहन विभाग की ओर से प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं रहने पर वाहन मालिकों का एक हजार रुपये का चालान काटा जा रहा है।

HighLights

  1. चतरा में वाहन प्रदूषण जांच की सुविधा अनुपलब्ध।

  2. पीयूसी न होने पर वाहन मालिकों पर 1000 रुपये का चालान।

  3. जांच के लिए पड़ोसी जिलों की यात्रा करनी पड़ती है।

अमन राणा, चतरा। झारखंड के चतरा जिले में वाहन चालकों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जिले में वाहन प्रदूषण जांच (PUC) की कोई व्यवस्था नहीं है। 
 
इसके बावजूद परिवहन विभाग की ओर से प्रदूषण प्रमाणपत्र न होने पर वाहन मालिकों का 1,000 रुपये का भारी-भरकम चालान काटा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर जांच केंद्र न होने के कारण लोगों में परिवहन विभाग के खिलाफ नाराजगी है।
 

दूसरे जिलों का करना पड़ रहा रुख 

जानकारी के मुताबिक, करीब तीन साल पहले प्रशासनिक अधिकारियों के दबाव के बाद चतरा के कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण जांच की सुविधा शुरू की गई थी। 
 
इससे वाहन चालकों को स्थानीय स्तर पर ही पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाने की सुविधा मिल रही थी। हालांकि, कुछ समय बाद यह व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई। तब से लेकर अब तक जिले में एक भी वैध वाहन प्रदूषण जांच केंद्र संचालित नहीं हो रहा है।
 
परिणामस्वरूप, वाहन मालिकों को अपना पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाने या नवीनीकृत कराने के लिए पड़ोसी जिलों जैसे गया (बिहार) या हजारीबाग की लंबी दौड़ लगानी पड़ रही है। इस मजबूरी के कारण लोगों का अतिरिक्त समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है।
 

बढ़ती गाड़ियां, घटती सुविधाएं 

जिले में लगातार दोपहिया, चारपहिया और व्यावसायिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसके अनुपात में बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं। 
 
नियम के मुताबिक हर छह महीने पर प्रदूषण प्रमाणपत्र का नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। एक तरफ स्थानीय स्तर पर जांच केंद्र न होना और दूसरी तरफ प्रमाणपत्र न होने पर 1,000 रुपये का चालान कटने का डर- इस दोहरी मार से वाहन मालिक खासे परेशान हैं। 
 
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द जिले में प्रदूषण जांच केंद्रों का संचालन पुनः शुरू किया जाए, ताकि वाहन चालकों को राहत मिल सके।

कुछ पेट्रोल पंप को पीयूसी बनाने के लिए सहमति प्रदान की गई है। व्यवस्था बंद होने की जानकारी आपके माध्यम से मिल रही है। संबंधित पेट्रोल पंप को नोटिस जारी किया जाएगा। दो से तीन दिनों के भीतर व्यवस्था पुन: बहाल हो जाएगी।

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नीरज कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, चतरा।

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