चतरा से अगवा ऑटो चालक बिहार के जंगल से बरामद, बदमाशों ने आंखों पर पट्टी बांधकर बनाया था बंधक
चतरा पुलिस ने गया पुलिस और एसएसबी के सहयोग से फिरौती के लिए अपहृत ऑटो चालक तिलक यादव को सकुशल ...और पढ़ें

बिहार के जंगल से तिलक यादव सकुशल बरामद। जागरण
HighLights
चतरा ऑटो चालक तिलक यादव का फिरौती के लिए अपहरण हुआ था।
पुलिस ने गया पुलिस और एसएसबी के सहयोग से सकुशल बचाया।
जागरण संवाददाता, चतरा। शहर के नगवां मुहल्ला निवासी धनपत यादव के पुत्र तिलक यादव का बदमाशों ने फिरौती के लिए अपहरण किया था। चतरा पुलिस ने गया पुलिस और सशस्त्र सीमा बल के सहयोग से गुरुवार की शाम उसे गया जिले के बाराचट्टी प्रखंड अंतर्गत धनगांई थाना क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया।
अपहरणकर्ताओं ने तिलक को इटवां गांव के समीप चैलीखार नदी के दूसरे किनारे जंगल-झाड़ी के बीच स्थित एक घर में बंधक बनाकर रखा था। उसकी सकुशल बरामदगी के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है।
जानकारी के अनुसार, 13 सितंबर को तिलक प्रतिदिन की तरह अपना आटो लेकर घर से निकला था। डीसी कार्यालय के समीप एक व्यक्ति यात्री बनकर उसके ऑटो में सवार हुआ और राजपुर जाने के लिए भाड़ा तय किया। राजपुर पहुंचने के बाद उक्त व्यक्ति तिलक को मुख्य सड़क से हटाकर जंगल की ओर ले जाने लगा।

कुछ दूर जाने पर तीन मोटरसाइकिल पर सवार छह बदमाश वहां पहुंचे और तिलक की आंखों पर कपड़ा बांध दिया। इसके बाद सभी उसे पैदल जंगल के रास्ते बिहार की ओर ले गए।
इधर, तिलक का ऑटो राजपुर थाना क्षेत्र के धमनी जंगल के आसपास लावारिस हालत में मिला। घटना की सूचना मिलने के बाद चतरा सदर एसडीपीओ सन्नी वर्धन के नेतृत्व में पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान शुरू किया। मोबाइल लोकेशन के आधार पर तिलक की मौजूदगी गया जिले के धनगांई थाना क्षेत्र के रेवदा गांव के आसपास मिली।
इसके बाद एसडीपीओ पुलिस टीम के साथ बुधवार से ही बाराचट्टी और धनगांई थाना क्षेत्र में कैंप कर रहे थे। गुरुवार को अनुसंधान के क्रम में तिलक का लोकेशन इटवां गांव के समीप चैलीखार नदी के दूसरे किनारे जंगल-झाड़ी के बीच एक घर के पास मिला।
पुलिस टीम ने इलाके में अभियान चलाकर तिलक को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस अब अपहरण में शामिल बदमाशों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापामारी कर रही है।
यह भी पढ़ें- चतरा में नाबालिग की दुष्कर्म के बाद हत्या का खुलासा, दो आरोपित गिरफ्तार; कपड़े और मोबाइल बरामद
