सिमरिया : सिमरिया के खेत इन दिनों धनिया की खुशबू से महक रहे हैं। धनिया की हरियाली देख किसान फूले नहीं समा रहे हैं। इस वर्ष धनिया की बेहतर उपज हुई है और किसानों को इसकी अच्छी कीमत भी मिल रही है। सुबह से शाम तक खेतों में व्यापारियों का आना जाना लगा हुआ है। किसानों को उनकी मेहनत का पारिश्रमिक देकर व्यवसायी धनिया का क्रय कर रहे हैं और मंडियों तक पहुंचा रहे हैं। वर्तमान में व्यापारी किसानों से धनिया पत्ता 70-75 रुपए प्रतिकिलो खरीद रहे हैं। जो किसानों के लिए बेहद लाभप्रद साबित हो रहा है। यहां के किसान टमाटर के बाद धनिया में भी अपनी पहचान बना रहे हैं और समृद्ध हो रहे हैं।

दो माह की है खेती

धनिया की खेती मात्र दो माह की है। खेतों बीज डालने से लेकर उसकी उपज लेने में किसानों को मात्र दो माह का समय लगता है। किसान बड़ी जतन से फसल के खर पतवार हटाते हैं एवं कीटों से उसकी रक्षा करते हैं। इसके अलावा फसल में ससमय खाद व सिचाई भी करते हैं। धनिया की फसल में किसान परिवार लगे रहते हैं।

इन गांवों में होती है खेती

प्रखंड में इचाक, टावाटांड, पीरी, जबड़ा, देल्हो, एदला व डाडी में धनिया की बहुतायत मात्रा में खेती की जाती है। यहां की फसल उन्नत किस्म की मानी जाती है। जिसकी मांग जिले से बाहर हो रही है।

बिहार एवं बंगाल में है धनिया की मांग

धनिया पत्ता की मांग झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार और बंगाल में खूब है। बिहार के गया जिले से लेकर बंगाल के कलकत्ता, आसनसोल के बाजार में खूब बिकती है। व्यापारी किसानों से धनिया पत्ता खरीदकर मंडियों तक पहुंचाते हैं। किसानों का कहना है कि कृषि विभाग अगर धनिया की खेती को बढ़ावा दे तो यहां किसान पूरे प्रदेश में अपनी पहचान बना लेंगे।

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