जागरण संवाददाता, बेरमो : फुसरो स्थित ढोरी खास में 47 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन जलापूर्ति परियोजना के पास भूमिगत आग पुन: भड़क जाने के संदर्भ में दैनिक जागरण में चार जून को खबर प्रकाशित होते ही नगर प्रशासन हरकत में आ गया। नगर परिषद के अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह, उपाध्यक्ष छेदी नोनिया, कार्यपालक पदाधिकारी सह बेरमो के सीओ मनोज कुमार ने आग लगे स्थल का मुआयना शुक्रवार को किया। यहां बनाए जा रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट एवं आग लगे स्थल की मापी कराई गई तो प्लांट से भूमिगत आग की दूरी 570 फीट पाई गई। नगर परिषद के अध्यक्ष सिंह ने कहा कि जिस जगह आग लगी हुई है, वहां रिजेक्ट कोल डंप है, जिसमें संभवत: गर्मी के कारण आग लगी है। कहा कि फिलहाल प्लांट से आग की दूरी काफी है। इसके बावजूद सुरक्षा के ²ष्टिकोण से ट्रेंच कटवाकर आग बुझाने की प्रक्रिया कराई जाएगी। इसके लिए जलापूर्ति परियोजना की ठेका कंपनी रॉकड्रिल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को आदेश दे दिया गया है। कहा कि आग के कारण ही इस जलापूर्ति परियोजना का निर्माण अटक गया था। बाद में आग लगे स्थल पर मिट्टी की भराई के उपरांत पौधारोपण कराने के बाद इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए नगर विकास विभाग ने स्वीकृति दी थी। तब जाकर नवंबर-2019 से इस परियोजना का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। नगर परिषद के उपाध्यक्ष नोनिया ने कहा कि यहां वाटर ट्रीटमेंट प्लांट फुसरो नगर के सभी 28 वार्ड के लोगों को पाइपलाइन से पानी मुहैया कराने को निर्माण कराया जा रहा है। इस प्लांट को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी नगर प्रशासन के कंधे पर है। भूमिगत आग को बुझाने के लिए जल्द ही पहल की जाएगी, ताकि आग प्लांट की ओर ना आ सके। कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ने कहा कि फिलहाल आग बुझाने के लिए ट्रेंच कटिग कराकर पानी व मिट्टी डलवाई जाएगी। साथ ही वीडियोग्राफी कराकर नगर विकास विभाग को भेजकर दिशा-निर्देश लिया जाएगा। मौके पर वार्ड पार्षद निर्मला देवी, नागेंद्र सिंह, नगर परिषद के कर्मचारी राजीव रंजन कुमार आदि मौजूद थे। --आग के कारण काम शुरू होने में हुआ था विलंब : फुसरो की जलापूर्ति परियोजना की डीपीआर वर्ष-2008 में ही तैयार की गई थी। उसके बाद नगर परिषद की ओर से ढोरी खास स्थित सीसीएल की पांच एकड़ भूमि अधिग्रहीत कर चारदीवारी और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण के लिए आधारशिला रखी गई थी, लेकिन भूमिगत आग के कारण ही कार्य शुरू होने में विलंब हुआ था। प्लांट निर्माण स्थल के समीप की भूमिगत आग पर संबंधित ठेका कंपनी की ओर से मिट्टी की परत चढ़ाकर पौधे लगाए जाने के बाद उस परियोजना को धरातल पर उतारने की अनुमति नगर विकास विभाग से मिली थी। उसके बाद वर्ष-2017 के सितंबर माह में सूबे के तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने आनलाइन शिलान्यास किया था। उसके बाद वर्ष-2019 के नवंबर माह में इस परियोजना का निर्माण कार्य शुरू किया गया।

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