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बोकारो की बहू का कमाल: 'शार्क टैंक इंडिया' से हासिल की 1 करोड़ की फंडिंग, 100 से अधिक लोगों को दिया रोजगार

Published: Sun, 18 Oct 2026 03:51 PM (IST)

बोकारो की स्वातिकी प्रकाश ने कोरोना काल में आपदा को अवसर में बदलते हुए अपने पति के साथ आर्टोसिटी कंपनी की स्थापना की।

स्वातिकी प्रकाश। (जागरण)

स्वातिकी प्रकाश। (जागरण)

HighLights

  1. कोरोना काल में आपदा को अवसर में बदला।

  2. आर्टोसिटी कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाई।

  3. शार्क टैंक इंडिया से एक करोड़ का निवेश मिला।

राममूर्ति प्रसाद, बोकारो। बोकारो इस्पात नगर के सेक्टर छह के निकट मालती लग्जरिया सिटी निवासी स्वातिकी प्रकाश ने अपनी शिक्षा, पेशेवर अनुभव और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर उद्यमिता की दुनिया में अलग पहचान बनाई है।

उन्होंने कोरोना काल में आपदा को अवसर में बदला। अपने पति एमजीएम हायर सेकेंड्री स्कूल बोकारो के पूर्व छात्र इंद्रजीत के साथ मिल कर कलाकृतियां, मूर्तियां, धार्मिक व सजावटी वाल आर्ट, कैनवास पेंटिंग्स एवं होम डेकोर उत्पाद तैयार करने लगीं।

अपने उत्पाद को झारखंड, देश व विदेश में बिक्री करने लगीं। अपनी कंपनी में 104 महिला व पुरुष को रोजगार दिया। उन्होंने अपने परिश्रम व लगन की बदौलत अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच बनाई।

शार्क टैंक इंडिया के मंच पर दर्ज कराई उपस्थिति

स्वातिकी प्रकाश ने दिल्ली के श्रीराम कालेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद बिरला इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी, मेसरा से मास्टर्स की डिग्री हासिल की।

शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली में एक पेशेवर करियर बनाया। इसके बाद वह अपने पति इंद्रजीत कुमार के साथ मस्कट चली गईं।

Swatiki Prakash

कोविड महामारी के दौरान भारत लौटने के बाद उनके जीवन ने एक नया मोड़ लिया। उन्होंने अपने पति के साथ मिलकर बोकारो स्टील सिटी में आर्टोसिटी कंपनी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभाली।

जहां इंद्रजीत ने व्यवसाय के विस्तार और उत्पाद निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया, वहीं स्वातिकी ने कंपनी के वित्त, टेक्नोलॉजी, ई-कामर्स और मानव संसाधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की कमान संभाली।

उनकी भूमिका केवल कंपनी के रोजमर्रा के कामकाज तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने ऐसे सिस्टम और प्रक्रिया विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिन्होंने कंपनी को तेजी से आगे बढ़ने में मदद की।

भारतीय कला और पारंपरिक शिल्प को आधुनिक तकनीक और विनिर्माण से जोड़ने वाली आर्टोसिटी ने बोकारो से शुरुआत कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।

कंपनी ने दिल्ली में अपना एक्सपीरियंस सेंटर स्थापित किया और देशभर के ग्राहकों तक अपनी पहुंच बनाई। कंपनी के सफर का एक बड़ा पड़ाव तब आया, जब कंपनी ने लोकप्रिय बिजनेस रियलिटी शो ‘शार्क टैंक इंडिया’ के मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

2026 में कंपनी को नमिता थापर और विनीता सिंह से 7.5 प्रतिशत इक्विटी के बदले एक करोड़ रुपये का निवेश मिला। यह उपलब्धि न केवल कंपनी के लिए, बल्कि बोकारो जैसे शहर से उभरते उद्यमों के लिए भी प्रेरणादायक रही।

कंपनी ने बोकारो में विनिर्माण और उत्पादन आधारित गतिविधियों के माध्यम से अनेक लोगों को रोजगार दिया है और स्थानीय प्रतिभाओं तथा कारीगरों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया है।

स्वातिकी का योगदान इस बात का उदाहरण है कि किसी व्यवसाय की सफलता के पीछे केवल एक अच्छा विचार या उत्पाद ही नहीं, बल्कि मजबूत वित्तीय प्रबंधन, तकनीकी समझ, बेहतर टीम निर्माण और अनुशासित कार्यप्रणाली भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है।

भारतीय कला, संस्कृति और आधुनिक इंटीरियर डिजाइन का संगम

स्वातिकी प्रकाश ने कहा कि हम भारतीय कला, संस्कृति और आधुनिक इंटीरियर डिजाइन का संगम प्रस्तुत करते हैं। हमारी कंपनी मुख्य रूप से थ्री डी वाल म्यूरल्स, फाइबर ग्लास से बनी दीवारों पर लगने वाली कलाकृतियां एवं मूर्तियां, धार्मिक एवं सजावटी वाल आर्ट, कैनवास पेंटिंग्स, पारंपरिक भारतीय चित्रकला और होम डेकोर उत्पादों का निर्माण करती है।

हम पारंपरिक भारतीय कला को आधुनिक तकनीक और विनिर्माण के साथ जोड़कर अपने उत्पाद तैयार करते हैं। ग्राहकों की जरूरत के अनुसार कस्टमाइज्ड डिजाइन भी बनाते हैं।

स्थानीय कारीगरों और कर्मचारियों के सहयोग से उत्पाद तैयार किए जाते हैं। आज हमारे उत्पाद देशभर में ग्राहकों तक पहुंच रहे हैं।

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