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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जिसे पत्थर समझ झाड़ियों में फेंक दिया, वह हीरा निकला

By Sachin MishraEdited By:
Published: Wed, 30 Aug 2017 10:24 AM (IST)Updated: Fri, 01 Sep 2017 01:39 PM (IST)

मजदूरों ने जिसे पत्थर समझ झाड़ियों में फेंका, वह हीरा निकला।

जिसे पत्थर समझ झाड़ियों में फेंक दिया, वह हीरा निकला
जिसे पत्थर समझ झाड़ियों में फेंक दिया, वह हीरा निकला

संवाद सहयोग, स्वांग (बेरमो)। स्वांग खदान के निकट कोयले के ढेर में मिले चमकीले पत्थर को तीन दिनों पहले वहां कोयला चुन रहे मजदूरों ने मामूली पत्थर समझ झाड़ियों में फेंक दिया था। लेकिन, इस चमकीले पत्थर के मिलने की चर्चा गोमिया इलाके में पिछले तीन दिनों से थी। यह पत्थर खैहरा पंचायत के चीरूबदार टोला निवासी अशोक पौरिया को मिला था। इस बात की जानकारी मिलते ही आइईएल थाना के प्रभारी सकलदीप सिंह ने तत्काल ही अशोक को बुलाकर उससे पूछताछ शुरू कर दी।

तलाशकर लाने की दी हिदायत:

अशोक ने बताया कि कोयला चुनने वाले लड़कों को वह पत्थर स्वांग खदान के निकट कोयले के ढेर में मिला था। जिसे उन लोगों ने मामूली पत्थर समझकर झाड़ियों में फेंक दिया। थाना प्रभारी ने उसे दो दिन की मोहलत देकर इसे ढूंढ लाने की हिदायत दी। सोमवार की रात उसने यह पत्थर लाकर आइईएल थाना में डीएसपी प्रदीप पॉल कच्छप को सौंपी। इस दौरान थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों व अन्य लोगों ने उसे देखते ही, इसे बेशकीमती हीरा बताया।

सोनार बोला-नहीं है मामूली पत्थर:

रात के समय थाने में ही एक सोनार को बुलाकर उस पत्थर का वजन और जांच करवाया गया। यह चमकदार पत्थर करीब 21 ग्राम का पाया गया। सोनार ने भी कहा कि यह कोई आम पत्थर नहीं है। इसकी जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि इसकी कीमत क्या होगी। डीएसपी ने कहा कि इसे सील कर जांच के लिए संबंधित लैब भेजा जाएगा ताकि स्पष्ट हो सके कि वाकई यह हीरा ही है। 

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