झारखंड में सेल कर्मियों के लिए खुशखबरी, अगले हफ्ते खाते में आएंगे बोनस के पैसे
सेल कर्मचारियों को अगले हफ्ते बोनस मिलेगा, जिसमें स्थायी कर्मियों को 32,000 रुपये और प्रशिक्षुओं को 25,600 रुपये मिलेंगे।

स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड बोकारो। (जागरण)
HighLights
स्थायी सेल कर्मियों को 32,000 रुपये का बोनस मिलेगा।
बोकारो बाजार में दुर्गापूजा से पहले 30 करोड़ का उछाल।
सीटू ने बोनस समझौते पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया।
जागरण संवाददाता, बोकारो। स्टील अथारिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड सेल कामगारों के बोनस मसौदे पर गुरुवार को नई दिल्ली में हुई बैठक के बाद प्रबंधन व यूनियन के बीच समझौता हो गया।
जहां सेल के स्थायी कर्मचारियों को 32 हजार रुपये तथा प्रशिक्षु कर्मियों को 25,600 रुपये अगले हफ्ते तक उनके बैंक खाता में भेज दिया जाएगा।
इसकी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है, भिलाई के सीपीआरएस यानी की सेंट्रलाइज पे रोल सिस्टम के जरिए सभी कर्मियों के खाता में एक साथ बोनस की राशि अदा की जाएगी।
इससे बोकारो इस्पात संयंत्र सहित कंपनी के अन्य इकाई में कार्यरत लगभग 54 हजार संयंत्रकर्मी लाभान्वित होंगे। बीएसएल व बीपीएससीएल में बोनस के भुगतान से बोकारो के बाजार में लगभग 30 करोड़ रुपया जाएगा। इससे दुर्गापूजा के त्योहार में यहां का व्यवसाय व बाजार पूरी तरह से गुलजार हो जाएगा।
सीटू ने नहीं किया समझौता पत्र पर हस्ताक्षर
सेलकर्मियों के बोनस समझौता पत्र पर एनजेसीएस संगठन में शामिल इंटक, एटक, बीएमएस व एचएमएस के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर कर दिया लेकिन सीटू के नेता बोनस मद में 40 हजार रुपये से कम लेने को तैयार नही थे।
इसलिए उन्होंने एमओयू पर साइन नही किया। इससे एनजेसीएस संगठन के अन्य नेताओं में खासी नाराजगी है। उनका कहना है की सेलकर्मियों के किसी भी मसले पर सीटू का रवैया सकारात्मक नही रहता है।
इससे अब एनजेसीएस संगठन में आपसी गतिरोध उत्पन्न हो रहा है। इसका प्रतिकूल प्रभाव एक जनवरी 2027 से लागू होने में होने सेलकर्मियों के वेतन पुनरीक्षण पर पड़ सकता है। इसलिए इस स्थिति से निपटने के लिए सभी यूनियन के प्रतिनिधि अभी से ही रणनीति तैयार करने में जुट गए है।
सेल के स्थायी कर्मचारियों को 32 हजार रुपये तथा प्रशिक्षु कर्मियों को 25,600 रुपये का भुगतान बोनस के मद में अगले हफ्ते तक उनके बैंक खाता में कर दिया जाएगा। कामगारों के बोनस सहित अन्य मसौदे पर सीटू के रवैये से एनजेसीएस संगठन में गतिरोध हो रहा है। संयंत्रकर्मियों का अगला पे रिवीजन इससे प्रभावित ना हो इसके लिए अभी से ही रणनीति तैयार की जाएगी।
डॉ. जी संजीवा रेड्डी, राष्ट्रीय अध्यक्ष इंटक
