सेल ने बदली आवास आवंटन नियमावली, अब कर्मचारियों को मकान के लिए तीन माह करना होगा इंतजार
सेल प्रबंधन ने बोकारो इस्पात संयंत्र के कर्मियों के लिए आवास आवंटन नियमावली में बदलाव किया है।

सेल बोकारो ने बदली आवास नीति। (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
सेल ने आवास आवंटन नियमावली में बदलाव किया।
अनुरक्षण कार्य के लिए अधिकतम तीन माह का समय।
कर्मचारियों को अब तैयार आवास जल्द मिलेगा।
जागरण संवाददाता, बोकारो। सेल प्रबंधन बोकारो इस्पात संयंत्र में कार्यरत कर्मियों को अब कंपनी का आवंटित आवास अनुरक्षण कार्य पूरा होने के बाद ही उन्हें सुपुर्द करेगी। नियम के जद में बीएसएल में काम करने वाले अधिकारी व कर्मचारी दोनों को रखा गया है। इसके लिए प्रबंधन ने अपने आवास आवंटन नियमावली 2017 को संशोधित कर योजना को तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है।
सेलकर्मियों को उनका आवंटित आवास जल्द से जल्द मिल सकें, इसके लिए आवास अनुरक्षण कार्य की समय सीमा अधिकतम तीन माह के लिए निर्धारित की गई है। आवास अनुरक्षण कार्य की देख रेख कर रहे संबंधित ठेका कंपनी को साफ निर्देश दिया गया है की आवंटित आवास के सिविल व विद्युत कार्य को बेहतर तरीके से करने के बाद इसकी रिपोर्ट नगर सेवा विभाग में तलब करें।
इसका लाभ फ्रेश योजना के तहत आवंटित आवासधारियों को दिया जाएगा, चेंज योजना वाले आवासधारियों को नियम के दायरे से बाहर रखा गया है। प्रबंधन यह निर्णय अपने अधिकारी व कर्मचारियों को आवासीय समस्या से निजात दिलाने के साथ कंपनी के मकान का बेहतर रख रखाव करने के लिए ली है।
अनुरक्षण कार्य में लगता था एक डेढ़ साल का समय
बोकारो इस्पात संयंत्र में काम करने वाले अधिकारी व कर्मचारियों को कंपनी का मकान आवंटित होने के बाद प्रबंधन उन्हें अविलंब मकान की चाबी सौंप देती थी। जिसे संयंत्रकर्मी स्वयं मकान की स्थिति को देखकर इसके अनुरक्षण कार्य के लिए नगर सेवा विभाग के पास आवेदन देते थे।
आवेदन मिलने के बाद नगर सेवा विभाग सिविल, विद्युत, जन स्वास्थ्य, जलापूर्ति, उद्यान आदि अनुभाग को मकान का भौतिक सत्यापन करने का काम काज सौंपती था। जहां जिस प्रकार की त्रुटि संबंधित आवास में मिलती थी, उसे उस अनुभाग के द्वारा अनुरक्षण का काम किया जाता था।
इस प्रक्रिया में सेलकर्मियों को उनका आवंटित आवास मिलने में एक से डेढ़ वर्ष का समय लग जाता था। इससे आहत कई संयंत्रकर्मी समय की बचत के लिए स्वयं अपने जेब से मकान का मरम्मत कार्य कराते थे।
वर्तमान समय में भी बोकारो इस्पात संयंत्र में कई ऐसे संयंत्रकर्मी है, जो की अपने आवंटित मकान को लेने की प्रतीक्षा एक डेढ़ साल से कर रहे है, लेकिन आवास का अनुरक्षण कार्य पूरा नही होने के कारण उन्हें मकान की चाबी अब तक नही दी गई है। नई व्यवस्था के लागू होने से अब पूर्व में आवंटित कामगारों को भी कंपनी का मकान तीन माह के अंदर पूरे मरम्मत कार्य के साथ मिल सकेगा।
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