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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Jharkhand News: 'मौत की सजा दी गई, दी जाएगी' पूर्व वार्ड सदस्य की गला रेतकर हत्या, नक्सलियों ने छोड़ा धमकी भरा पत्र

By Mukesh kumar Mahto Edited By: Shashank Shekhar
Published: Wed, 27 Dec 2023 02:06 PM (IST)

बोकारो में पूर्व वार्ड सदस्य की नक्सलियों ने गला रेत कर हत्या कर दी। वहीं हत्या के बाद धमकी भरा ...और पढ़ें

'मौत की सजा दी गई, दी जाएगी' पूर्व वार्ड सदस्य की गला रेतकर हत्या, नक्सलियों ने छोड़ा धमकी भरा पत्र
'मौत की सजा दी गई, दी जाएगी' पूर्व वार्ड सदस्य की गला रेतकर हत्या, नक्सलियों ने छोड़ा धमकी भरा पत्र

HighLights

  1. पुलिस का कहना है- रात में सुरक्षा व्यवस्था को देखते यहां आना सही नहीं
  2. नक्सलियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद घटनास्थल पर पर्चे भी छोड़े

संवाद सूत्र, गोमिया(बेरमो। गोमिया प्रखंड के चतरोचट्टी थाना क्षेत्र के नक्सल प्रभावित चुट्टे पंचायत के पूर्व वार्ड सदस्य सह दनरा गांव निवासी सुखराम मांझी (40) की मंगलवार रात को सीपीआई-माओवादी नक्सलियों ने धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी।

नक्सलियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद घटनास्थल पर पर्चे भी छोड़े हैं, जिस पर पुलिस मुखबिरी करने का अंजाम मौत लिखा है।

इस सनसनीखेज घटना को सुखराम मांझी के घर के ठीक पास एक निर्माणाधीन पानी टंकी के पास अंजाम दिया गया। घटना मंगलवार रात करीब आठ बजे की है, लेकिन ग्रामीण सहित पुलिस-प्रशासन की टीम भी रात में घटनास्थल पर कोई नहीं पहुंचा। नक्सलियों की संख्या करीब आठ बताई जा रही है।

वारदात के करीब 15 घंटे बाद बुधवार दिन में साढ़े 11 बजे के आस-पास पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और पंचनामा बनाते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए तेनुघाट भेज दिया। पुलिस का कहना है कि रात में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए यहां आना सही नहीं था।

मामले में मृतक की पत्नी ने मामले में क्या कुछ कहा

सुखराम मांझी की पत्नी सरस्वती देवी ने बताया कि उसके पति दनरा मोड़ में ही छोटी सी राशन की दुकान चलाते थे और दुकान बंद कर प्रतिदिन रात आठ बजे दुकान से एक किलोमीटर दूर स्थित दूसरे घर में आ जाते थे। मंगलवार रात आठ बजे के करीब निर्माणाधीन टंकी के गार्ड धनेश्वर सिंह से वारदात के बारे में जानकारी मिली।

मौके पर पहुंची तो पति का लहूलुहान शव टंकी के सामने पड़ा था। दोनों पैरों से दिव्यांग वृद्ध पिता महादेव मांझी व माता पार्वती देवी ने बताया कि पुलिस मुखबिरी जैसी कोई बात की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

नक्सलियों ने घटनास्थल पर छोड़े पर्चे

नक्सलियों द्वारा घटनास्थल पर छोड़े गए पर्चों में लिखा है 'पैसे की लालच में पुलिस मुखबिरी एसपीओ बनना बंद करो, पुलिस मुखबिर सुखराम मांझी को मौत की सजा दी गई, पुलिस प्रशासन के प्रलोभन में फंसकर जनविरोधी पार्टी विरोधी कार्यों के लिए एसपीओ बनना बंद करो, भोले-भाले ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर जन-विरोधी पार्टी विरोधी कार्यों के लिए एसपीओ बनाना बंद करो, पुलिस मुखबिर करने वालों को मौत की सजा दी गई, दी जाएगी'

प्रत्यक्षदर्शी निर्माणाधीन पानी टंकी के गार्ड धनेश्वर सिंह ने बताया कि वे कुरकनालो बाजार से वे घर लौटे थे और फिर पानी टंकी की देख-रेख करने के लिए साढ़े छह बजे के करीब टंकी जा रहे थे। इसी दौरान सुखराम का गला रेता हुआ शव व सामने नक्सली संबंधित पोस्टर देख वह घबरा गया।

इसके बाद उसने फौरन इसकी सूचना सुखराम की पत्नी सहित अन्य स्वजनों को दी। भय के मारे मंगलवार रात को उसने ड्यूटी छोड़ दी और घर चला गया। घटना के बाद सुखराम की पत्नी सहित बहन सन्नी देवी व स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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