जागरण संवाददाता, बोकारो: कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीजों को होम आइसोलेशन की अनुमति थानों में तैनात इंसीडेंट कमांडर से देंगे। स्वरक्षा पोर्टल पर उपलब्ध होम आइसोलेशन के आवेदनों का नियमानुसार एवं ससमय निष्पादित करने की जवाबदेही इंसीडेंट कमांडरों पर होगी। ताकि, समय पर मरीज को आइसोलेट कर सतत अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण सुनिश्चित किया जा सके। होम आइसोलेशन की अनुमति मिलने के बाद जिला प्रशासन से इसका प्रमाण-पत्र दिया जाएगा, जिसे मरीज पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे। होम आइसोलेशन में रहने पर मरीजों से प्रतिदिन कॉल कर उनके स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी इंसीडेंट कमांडर की ओर से ली जाएगी। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग का कोई पदाधिकारी या स्वास्थ्य कर्मी शुरू के दस दिनों तक कम से कम दो बार मरीज के घर में विजिट करेंगे। गौरतलब है कि बीते दिन 17 अप्रैल को होम आइसोलेटेड व्यक्तियों के सतत निगरानी, अनुश्रवण एवं चिकित्सकीय परामर्श को लेकर स्वास्थ्य विभाग एवं एनआइसी ने स्वरक्षा वेब पोर्टल बनाया है। एसिप्टोमैटिक अथवा बिना लक्षण वाले कोविड-19 व्यक्ति इस पोर्टल पर अपना मोबाइल नंबर एवं एसआरएफ आइडी के माध्यम से रजिस्टर करा सकते हैं एवं अन्य वांछित सूचनाएं उपलब्ध कराते हुए होम आइसोलेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

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होम आइसोलेशन की पूरी प्रक्रिया :

- होम आइसोलेशन में रहने को इच्छुक हल्के लक्षण वाले मरीजों को जिला प्रशासन के स्वरक्षा पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। - स्वरक्षा पोर्टल पर अपने मोबाइल नंबर और एसआरएफ आइडी (जांच के समय दी जाने वाली आइडी) के माध्यम से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

- रजिस्ट्रेशन के क्रम में कोरोना संक्रमित व्यक्ति को अपना विवरण, बीमारी का विवरण, घर पर होम आइसोलेशन की आवश्यक सुविधा से संबंधित जानकारी पोर्टल पर देनी होगी।

- होम आइसोलेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय सैंपल कलेक्शन की तिथि, रिपोर्ट आने की तिथि आदि की भी जानकारी देनी होगी।

- संक्रमित व्यक्ति यदि किसी अन्य बीमारी से ग्रसित है तो उसका विवरण भी उपलब्ध कराना होगा।

- परिवार में सदस्यों की संख्या, 60 वर्ष से अधिक उम्र वाले सदस्यों की संख्या, 10 वर्ष से कम उम्र वाले बच्चों की संख्या, पृथक कमरा, बाथरुम, ऑक्सीमीटर आदि की जानकारी देनी होगी।

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होम आइसोलेशन को लेकर गाइडलाइन :

- 60 साल से अधिक उम्र के वैसे संक्रमित जो अन्य बीमारियों (डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज आदि) से पहले से ग्रसित हैं, उन्हें चिकित्सकों द्वारा जांच के बाद ही उनके परामर्श पर होम आइसोलेशन में रहने की स्वीकृति दी जाएगी।

- एचआइवी, ऑर्गन ट्रांसप्लांट कैंसर से पहले से ग्रसित हैं, उन्हें होम आइसोलेशन रहने की मंजूरी नहीं दी जाएगी।

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