वैष्णो देवी में नवरात्र पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, 4 दिन में 1.67 लाख ने टेका माथा; जानें दर्शन से मौसम तक का अपडेट
Vaishno Devi Yatra Update: शारदीय नवरात्र के पहले चार दिनों में 1.67 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी ...और पढ़ें
HighLights
पौने दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के दर्शन किए।
भवन से दर्शनी ड्योढ़ी तक लगी लंबी कतारें, भक्तों का उत्साह बरकरार।
प्रशासन और श्राइन बोर्ड ने की व्यापक व्यवस्थाएं, सुरक्षा सुनिश्चित।
राकेश शर्मा, कटड़ा। पवित्र शारदीय नवरात्र के दौरान मां वैष्णो देवी के दरबार में श्रद्धा और आस्था का सैलाब उमड़ रहा है। नवरात्र के पहले चार दिनों में 1.67 लाख से अधिक श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के चरणों में नतमस्तक हो चुके हैं। देश के विभिन्न राज्यों के साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्मनगरी कटड़ा पहुंच रहे हैं। मां के दिव्य दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा मार्ग से लेकर भवन परिसर और भैरव घाटी तक हर तरफ श्रद्धालुओं की चहल-पहल बनी हुई है।
श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के चलते पंजीकरण केंद्रों, दर्शनी ड्योढ़ी पर सुरक्षा जांच और भवन में दर्शन के लिए लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद उनके उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दे रही।
मां के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालु पूरे जोश और श्रद्धा के साथ भवन की ओर बढ़ रहे हैं। यात्रा के दौरान पवित्र गर्भजून गुफा के दर्शन और भैरव घाटी में बाबा भैरवनाथ के दर्शन के लिए भी श्रद्धालुओं की कतारें लगी हुई हैं।
पहले तीन नवरात्र में 1.42 लाख श्रद्धालुओं ने की यात्रा
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, पहले नवरात्र यानी 11 अक्टूबर को 47,500 श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई। दूसरे नवरात्र 12 अक्टूबर को 48,300 और तीसरे नवरात्र 13 अक्टूबर को 46,500 श्रद्धालुओं ने यात्रा की।
वहीं, चौथे नवरात्र 14 अक्टूबर को बुधवार दोपहर 12 बजे तक लगभग 25,000 श्रद्धालु पंजीकरण करवाकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे।
प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन, पुलिस, सुरक्षा बल और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड पूरी तरह सतर्क हैं। कटड़ा स्थित पंजीकरण केंद्रों को सक्रिय रखा गया है, वहीं भवन पर श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु बनाए रखने के लिए सभी कृत्रिम गुफाओं के द्वार खोल दिए गए हैं, ताकि दर्शन व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी यात्रा मार्ग तथा प्रमुख स्थानों पर लगातार निगरानी कर रहे हैं। श्राइन बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी भी व्यवस्थाओं का जायजा लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे हुए हैं।
श्रद्धालुओं के लिए भोजन और फलाहार की भी व्यवस्था
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भोजन और फलाहार की व्यवस्था भी की गई है। श्राइन बोर्ड के भोजनालयों में व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को फलाहार उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त अर्धकुंवारी, ताराकोट मार्ग, सांझीछत और भैरव घाटी सहित विभिन्न स्थानों पर संचालित निशुल्क लंगरों में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। कोई पैदल यात्रा कर रहा है तो कोई हेलीकाप्टर, बैटरी कार, घोड़े, पिट्ठू और पालकी की सहायता से भवन पहुंच रहा है।
कटड़ा में कैसा है मौसम?
बुधवार को मौसम में भी लगातार बदलाव देखने को मिला। त्रिकूट पर्वत पर बादलों की आवाजाही बनी रही और बीच-बीच में सूर्यदेव के दर्शन भी हुए। ठंडी हवाओं के बावजूद श्रद्धालु गर्म कपड़े पहनकर परिवार और मित्रों के साथ जयकारे लगाते हुए यात्रा करते रहे।
रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता मां वैष्णो देवी का पवित्र भवन श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। नवरात्र के दौरान धर्मनगरी कटड़ा में उत्सव जैसा माहौल है और मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी है।
