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मां वैष्णो देवी के दरबार में फिर टूटेगा रिकॉर्ड, 10 महीने में 83.20 लाख भक्त पहुंचे; दिसंबर तक एक करोड़ की उम्मीद

Published: Tue, 03 Nov 2026 07:00 AM (IST)

अक्टूबर 2026 तक 83.20 लाख श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के दर्शन किए, जो पिछले वर्ष से 23.29 लाख अधिक ...और पढ़ें

माँ वैष्णो देवी के दिव्य दर्शनों को लेकर भवन की और रवाना होते श्रद्धालु। फोटो- जागरण ।

माँ वैष्णो देवी के दिव्य दर्शनों को लेकर भवन की और रवाना होते श्रद्धालु। फोटो- जागरण ।

राकेश शर्मा, कटड़ा। मां वैष्णो देवी के प्रति देश-विदेश के श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और बढ़ते उत्साह के चलते वर्तमान वर्ष में यात्रा लगातार नए कीर्तिमान की ओर अग्रसर है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और  चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई विशेष कमी देखने को नहीं मिली। यही वजह है कि जारी वर्ष 2026 के पहले दस महीनों यानी 31 अक्टूबर तक कुल 83,20,256 श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगाकर दिव्य दर्शन कर चुके हैं। अकेले अक्टूबर माह में ही 9,82,496 श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शी

यात्रा के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले वर्ष 2025 में अक्टूबर माह तक कुल 59,90,553 श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी की यात्रा की थी। इसके मुकाबले वर्तमान वर्ष में अब तक 23,29,703 श्रद्धालु अधिक मां के दरबार पहुंच चुके हैं।

इस प्रकार पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में यात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं अक्टूबर 2025 में 3,84,952 श्रद्धालुओं ने यात्रा की थी, जबकि अक्टूबर 2026 में यह संख्या बढ़कर 9,82,496 तक पहुंच गई। आंकड़े दर्शाते हैं कि इस वर्ष श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना हुआ है।

भारी बारिश के चलते 20 दिन बंद रही थी यात्रा

गौरतलब है कि वर्ष 2025 में मां वैष्णो देवी की यात्रा को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। अगस्त माह में लगातार खराब मौसम और भारी वर्षा के बीच 26 अगस्त को अर्धकुमारी मंदिर क्षेत्र के समीप यात्रा मार्ग पर भीषण भूस्खलन हुआ था। इस दर्दनाक प्राकृतिक आपदा में करीब 34 श्रद्धालुओं की जान चली गई थी, जबकि कई अन्य घायल हो गए थे।

सुरक्षा कारणों से मां वैष्णो देवी की यात्रा लगभग 20 दिनों तक पूरी तरह बंद रखनी पड़ी थी। इस घटना का यात्रा पर व्यापक असर पड़ा और श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित हुई। हालांकि स्थिति सामान्य होने और आवश्यक सुरक्षा प्रबंधों के बाद यात्रा दोबारा शुरू कर दी गई। पर इस आपदा ने यात्रा को काफी प्रभावित किया था।

अक्टूबर में 9 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का पहुंचना बड़ी उपलब्धि

अक्टूबर माह के यात्रा आंकड़ों पर नजर डालें तो नौ लाख से अधिक श्रद्धालुओं का मां के दरबार पहुंचना अपने आप में महत्वपूर्ण है। इससे पहले अक्टूबर माह में इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही कुछ चुनिंदा वर्षों में ही देखने को मिली है। वर्ष 2011 में अक्टूबर माह के दौरान 9,17,881 श्रद्धालु भवन पहुंचे थे, जबकि वर्ष 2012 में यह आंकड़ा बढ़कर 9,92,188 तक पहुंच गया था।

वर्ष 2013 में अक्टूबर माह में 9,85,432 श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन किए थे। वहीं वर्ष 2023 में अक्टूबर माह के दौरान 9,15,703 श्रद्धालु भवन पहुंचे थे। अब वर्ष 2026 में 9,82,496 श्रद्धालुओं के पहुंचने से अक्टूबर माह के यात्रा आंकड़ों में एक बार फिर बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2011 में मां वैष्णो देवी की वार्षिक यात्रा का आंकड़ा पहली बार एक करोड़ के पार पहुंचा था। उस वर्ष कुल 1,01,15,647 श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई थी। इसके बाद वर्ष 2012 में यात्रा का सर्वाधिक आंकड़ा 1,04,95,269 तक पहुंच गया था। ऐसे में वर्तमान वर्ष में भी यात्रा का आंकड़ा एक करोड़ के पार पहुंचने की संभावना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

भैया दूज के बाद यात्रा में तेजी की उम्मीद

हालांकि इन दिनों देशभर में त्योहारों का सीजन जारी है। पारंपरिक रूप से दीपावली और अन्य प्रमुख त्योहारों के दौरान मां वैष्णो देवी की यात्रा में काफी  गिरावट देखने को मिलती है। सामान्य तौर पर इस अवधि में प्रतिदिन 12 से 15 हजार श्रद्धालु ही कटड़ा पहुंचते हैं। लेकिन इस बार त्योहारों के बीच भी यात्रा का आंकड़ा प्रतिदिन लगभग 15 से 20 हजार के बीच बना हुआ है, जो श्रद्धालुओं के निरंतर उत्साह को दर्शाता है।

अब सभी की निगाहें भैया दूज पर्व के बाद यात्रा में होने वाली संभावित तेजी पर टिकी हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि त्योहारों का दौर समाप्त होने के बाद एक बार फिर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कटड़ा पहुंचेंगे। इससे भवन सहित यात्रा मार्ग और आधार शिविर कटड़ा के बाजारों में भी श्रद्धालुओं की चहल-पहल बढ़ने के आसार हैं।

वर्तमान वर्ष के समाप्त होने में नवंबर और दिसंबर के दो महीने शेष हैं। यदि देश सहित जम्मू-कश्मीर में परिस्थितियां सामान्य बनी रहती हैं और श्रद्धालुओं का उत्साह इसी तरह कायम रहता है तो मां वैष्णो देवी की यात्रा का वार्षिक आंकड़ा एक करोड़ की जादुई संख्या को पार कर सकता है।

इस संभावित उपलब्धि पर स्थानीय व्यापारियों, प्रशासन और श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की भी निगाहें टिकी हुई हैं। आने वाले दो महीनों में यात्रा का रुख ही तय करेगा कि वर्ष 2026 एक बार फिर मां के दरबार में श्रद्धालुओं की संख्या के लिहाज से नया इतिहास रच पाता है या नहीं।

 यात्रा का माहवार आंकड़ा

वर्ष 2026 में जनवरी में 6,96,914, फरवरी में 4,45,178, मार्च में 9,36,046, अप्रैल में 9,14,341, मई में 10,92,776, जून में 13,13,803, जुलाई में 6,68,911, अगस्त में 6,25,550 और सितंबर में 6,44,242 श्रद्धालुओं ने  वैष्णो देवी के दर्शन किए। वाही अक्टूबर माह में 982496 श्रद्धालु माँ के चरणों में नतमस्तक हुए।

वर्ष 2025 में जनवरी में 5,69,164, फरवरी में 3,78,865, मार्च में 9,40,143, अप्रैल में 9,81,228, मई में 4,13,365, जून में 9,26,263, जुलाई में 6,77,652, अगस्त में 5,33,756 और सितंबर में 1,85,165 श्रद्धालु मां के दरबार पहुंचे थे। जबकि अक्टूबर माह में 384952 श्रद्धालु माँ के दरबार आए थे।

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