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ढोल-नगाड़ों के साथ मां वैष्णो देवी के त्रिकूट पर्वत की परिक्रमा शुरू, 'जय माता दी' के उद्घोष से गूंजी धर्मनगरी 

Published: Sun, 11 Oct 2026 03:54 PM (IST)

शारदीय नवरात्र के पहले दिन कटड़ा में मां वैष्णो देवी के त्रिकूट पर्वत की परिक्रमा के लिए साधु-संतों और श्रद्धालुओं ...और पढ़ें

त्रिकूट पर्वत की परिक्रमा के लिए रवाना हुआ जत्था।

 त्रिकूट पर्वत की परिक्रमा के लिए रवाना हुआ जत्था।

HighLights

  1. शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन त्रिकूट पर्वत परिक्रमा शुरू

  2. साधु-संतों, श्रद्धालुओं का जत्था जयकारों संग कटड़ा से रवाना

  3. नवरात्र भर भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना, अंतिम दिन भंडारा

राकेश शर्मा, कटड़ा। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन रविवार को धर्मनगरी कटड़ा में मां वैष्णो देवी के जयघोष और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच त्रिकूट पर्वत की परिक्रमा के लिए साधु-संतों, श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों का जत्था रवाना हुआ।

मां वैष्णो देवी के चरणों में हाजिरी लगाने के उपरांत श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भक्तिभाव के साथ इस धार्मिक यात्रा का शुभारंभ किया। इस परिक्रमा का आयोजन संयुक्त रूप से सनातन धर्म सभा कटड़ा और रियासी की ओर से किया जा रहा है, जबकि विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठन भी आयोजन को सफल बनाने में सहयोग कर रहे हैं।

बड़ी संख्या में साधू-संतों ने लिया भाग

दिल्ली से विशेष रूप से पहुंचे स्वामी विज्ञानानंद महाराज के नेतृत्व में रवाना हुए इस जत्थे में बड़ी संख्या में साधु-संतों, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया।

जत्थे को रवाना करने के अवसर पर श्री माता वैष्णो देवी विधानसभा क्षेत्र के विधायक बलदेव राज शर्मा, जिला भाजपा अध्यक्ष रोहित दुबे, सनातन धर्म सभा के अध्यक्ष रतन लाल शर्मा, वरिष्ठ सदस्य अजय शर्मा सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

स्वामी विज्ञानानंद महाराज बोले अटूट आस्था है

इस अवसर पर स्वामी विज्ञानानंद महाराज ने कहा कि त्रिकूट पर्वत की परिक्रमा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि मां वैष्णो देवी के प्रति अटूट श्रद्धा, आस्था और समर्पण का प्रतीक है।

नवरात्र के पावन अवसर पर इस तरह के आयोजनों से धार्मिक परंपराओं को मजबूती मिलती है और समाज में आध्यात्मिक चेतना, आपसी भाईचारे तथा सेवा भावना का संचार होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से नवरात्र के दौरान पूजा-पाठ के साथ-साथ मानव सेवा और सामाजिक सद्भाव को भी प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

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विधायक ने भी की साधू-संतो की सराहना

विधायक बलदेव राज शर्मा ने कहा कि कटड़ा मां वैष्णो देवी की पवित्र यात्रा का आधार शिविर होने के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र भी है। त्रिकूट पर्वत की परिक्रमा जैसे आयोजन क्षेत्र की धार्मिक पहचान को और मजबूत करते हैं।

उन्होंने आयोजन से जुड़े साधु-संतों, सनातन धर्म सभा तथा सहयोगी संगठनों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में धार्मिक उत्साह बढ़ता है।

श्रद्धालुओं में है उत्साह

जिला भाजपा अध्यक्ष रोहित दुबे ने कहा कि नवरात्र के दौरान आयोजित होने वाली यह परिक्रमा श्रद्धालुओं को मां के प्रति अपनी आस्था प्रकट करने का विशेष अवसर प्रदान करती है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के सामूहिक सहयोग से ऐसे आयोजन सफल होते हैं और समाज में एकता तथा सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा मिलता है।

वहीं, सनातन धर्म सभा के वरिष्ठ सदस्य अजय शर्मा ने कहा कि इस परिक्रमा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। उन्होंने बताया कि नवरात्र के दौरान जत्था विभिन्न धार्मिक स्थलों पर ठहरकर भजन-कीर्तन, पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेगा। इस यात्रा का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखना और आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति से जोड़ना है।

परिक्रमा के पहले दिन श्रद्धालुओं का जत्था क्रांतिकारी किसान एवं मां वैष्णो देवी के परम भक्त बाबा जित्तो के मंदिर में विश्राम करेगा। इसके बाद सोमवार को जत्था रियासी कस्बे की ओर रवाना होगा।

नवरात्र के आगामी दिनों में विभिन्न धार्मिक स्थलों पर ठहराव और पूजा-अर्चना का क्रम जारी रहेगा। नवरात्र के अंतिम दिन जत्था आधार शिविर कटड़ा स्थित मां वैष्णो देवी के प्रथम पड़ाव एवं पवित्र भूमिका मंदिर पहुंचेगा, जहां पूजा-अर्चना के उपरांत भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

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